Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : अयोध्या में राम आए हैं

डॉ. रामकृष्ण सिंगी
घर-घर वंदनवार सजाओ।
घर के आंगन सजाओ रांगोली।
अयोध्या में राम आए हैं। 
 
दीये लगाओ, आरती उ‍तारो।
आज खेलों गुलालों की होली।
अयोध्या में राम आए हैं। 
 
साध हुई बरसों की पूरी।
प्रभु ने भर दी अरमानों की झोली।
अयोध्या में राम आए हैं। 
 
नाचे मोर, पपीहा गाएं।
मीठी लागे कोयलिया की बोली।
अयोध्या में राम आए हैं। 
 
आगे रथ पर राम-लखन हैं।
पीछे-पीछे सियारानी की डोली। 
अयोध्या में राम आए हैं। 
 
घर-घर बाजे आज बधाई।
मगन नाचे युवाओं की टोली।
अयोध्या में राम आए हैं। 
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

ALSO READ: काव्य रचना: अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

ALSO READ: प्रभु श्रीराम पर हिन्दी कविता : मेरे राम आए हैं आंगन में
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

कविता: लाल किला तुझे सलाम

Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

ये हमारी कहानी नहीं हैं, हमारी कहानी कुछ और है, जिसे हमें खोजना है

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

अगला लेख