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...तो कुंभ मेले में आइए !
देखना हो सन्यासियों के फक्कड़ शिव-शंकरी श्रृंगार। बैठकर भोजन प्रसादी पाने भक्तों की अन्तहीन कतार।। खिलाकर खुश होते ... -
हां, यह सब हुआ कुंभ के मेले में
Hindi poem on Kumbh: सनातनी आस्थाओं का धर्मध्वज फहरा, कुंभ के मेले में। श्रद्धाजनित दैवी शक्तियों ने दिया पहरा, कुंभ के ... -
हिन्दी कविता : अयोध्या में राम आए हैं
Lord Ram Poem: घर-घर वंदनवार सजाओ। घर के आंगन सजाओ रांगोली। अयोध्या में राम आए हैं। दीये लगाओ, आरती उतारो। आज खेलों ... -
काव्य रचना: अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव
प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव है हम सब की महाविजय का प्रतीक। जिससे ले रहा जन-मन भारत का आनंद के सागर में हिलोर। आध्यात्मिकता ... -
Poem on Holi : होली का मादक रंग
हवाओं की सरसराहटों में कैसी अबूझ तान, पतझड़ी पत्तों की खड़क में बज रही मृदंग। प्रेमियों के विकल मन में दस्तकों से ... -
अब इन कंडों की होली हो...
होली हो ओछी राजनीति की, टुच्चे बयानों की होली हो। येन-केन सत्ता हथियाने के बेशर्म अरमानों की होली हो।। -
हमारी सफल अंतरराष्ट्रीय नीति...
हमारी दक्ष कूटनीति की यह सचमुच बड़ी विजय है। रूस हो, चीन या अमेरिका सभी से हमारे संबंधों में समन्वय है।। -
हिन्दी कविता : लानत है राष्ट्रविरोधी धंधों पर
यह सर्दी बरपा रही है कैसा कहर। आलम को गिरफ्त में लिए है शीतलहर। ठिठुरन के आगोश में हर बस्ती, गांव, शहर। पारा और भी ... -
हिन्दी कविता : दो आंसू प्रजातंत्र के लिए...
महाराष्ट्र में तीन होटलों में रुकी थी तीन बारातें। बारातियों से बाहर वालों के मिलने के लाले थे || क्योंकि अन्दर की ... -
महाराष्ट्र की राजनीति पर कविता : ओ मतदाता ! मत हो उदास ... !
अंततः मुबारक महाराष्ट्र को एक तिमुही सरकार। एक राजनीतिक मंडप जिसके हैं तीन मुख्य द्वार || -
कविता : महाराष्ट्र का महा-सर्कस
ये (नेता) क्या कभी बाज आएंगे अपनी शाश्वत घिनौनी फितरत से। -
हिन्दी कविता : हर घर पहुंचानी है जल-गंगा
वर्षा ने भर दिये ताल सब, नदियां हुईं लबालब। खेत हुए सरसब्ज सभी, उगेंगी सब फसलें अब -
Hindi Poem on Deepawali : इस बार की दीपावली कुछ अधिक ही सुनहरी होगी
इस बार की दीपावली कुछ अधिक ही सुनहरी होगी। अनुगुंजित 370/राफेल / राममंदिर की सफलताओं की स्वर लहरी होगी ... -
स्वागतम् राफेल...
सुरक्षा की आधुनिकतम युक्ति तुम। अचूक प्रहार की मारक शक्ति तुम। किसकी ताब है अब सके तुम्हारी मार झेल। स्वागतम् ... -
कविता : ह्यूस्टन में आज मोदी-मोदी
गूंजेगी भारत माता की जय अमेरिका के मंच से। दस गुना होगी भारी जो हर पाकिस्तानी प्रपंच से।। 370 से उभरी आत्मनिश्वासी ... -
हिन्दी कविता : कहर बरसना चाहिए इन आर्थिक लुटेरों पर...
'उनका' संकल्प है कि भेजकर ही रहेंगे वे, हर भ्रष्टाचारी को जेल की सलाखों में। -
Chandrayaan 2 पर कविता : 95% सफल चंद्र-मिशन हमारा
चंद्रयान 2 पर कविता- भारत की इंजीनियरिंग तपस्या का प्रतीक हमारा चंद्रयान, जब यकायक ओझल हुआ संपर्क से अंतिम क्षणों में। ... -
श्रद्धा-सुमन सुषमा-जेटली की स्मृति में
मोदी के कर्मठ महाकाश के टूट गए सितारे दो। भारत के दो उज्ज्वल नक्षत्र, कर्मक्षेत्र के उजियारे दो।। -
हमारा चन्द्रयान
अंतरिक्ष में भारत की ऊंची उड़ान। हमारा चन्द्रयान!! भारत का गौरव, इसरो की क्षमताओं का प्रमाण। -
अनुच्छेद 370 पर कविता : बधाई! 370 बार!!
लो! अब कश्मीर में भी नए दौर की गूंजेगी शहनाई। बधाई मोदीजी को, शाह को, सौ-सौ बार बधाई।।1।।
