श्रद्धा-सुमन सुषमा-जेटली की स्मृति में

Sushma Swaraj

मोदी के कर्मठ महाकाश के
टूट गए सितारे दो।

भारत के दो उज्ज्वल नक्षत्र,
कर्मक्षेत्र के उजियारे दो।।

भारत की कूटनीति की सुषमा,
आंतरिक राजनीति की अरुणाई।
मध्दिम हुई इन आकस्मिक झटकों से,
अनगिन आंखें भर आईं।।

दो गहरे चिंतक, कुशल प्रवक्ता,
पोषक उज्ज्वल आदर्शों के।
राजनीति की दुर्गंधी गलियों में,
सुखद बयार से, वर्षों के।।

सचमुच यह अपूरणीय क्षति है
देश के की।।
उनके पथ पर चलकर ही,
सच्ची सेवा होगी जन-गण-मन की।।

 

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