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राम मंदिर बने तो कोई जादू नहीं होगा : पढ़ें आज की राजनीति पर कविता

Updated: गुरुवार, 14 फ़रवरी 2019 (11:41 IST)
-गोपाल उपाध्याय 
 
सभी पार्टियां 
सभी पार्टियों के नुमाइंदे
मोहल्ले, वार्ड के नेता
संघ के वक्ता-प्रवक्ता
कांग्रेस-गैर कांग्रेस के
फरमाबरदार मंत्री-संत्री।
 
उत्तर में, दक्षिण में 
पूरब में, पश्चिम में 
सभी दिशाओं में, सभी जगह
राम मंदिर पर
शोर मचा रहे हैं।
 
न्यायालयों में चल रहा है प्रकरण
राम मंदिर का बरस-दर-बरस से
बंटा हुआ है देश।
 
आधा देश सोचता है
राम मंदिर बन जाएगा तो
जैसे राम स्वयं उतर आएंगे धरा पर
उत्तरप्रदेश में और सारे देश में
हो रहे अपराध-अनाचार
समाप्त हो जाएंगे।
 
मानो बस रामराज्य ही आ जाएगा
फिर करने को कुछ नहीं रहेगा
'दैहिक दैविक भौतिक तापा/ 
रामराज्य काहू नहीं व्यापा'
के फॉर्मूले से 
राम मंदिर बनने पर काल का चक्र घूमकर त्रेता में पहुंच जाएगा।
 
और उधर आधा देश कह रहा है कि
राम मंदिर बनने से उनका खुदा देश से भाग जाएगा 
और बिना खुदा के वे असहाय एवं बेसहारा हो जाएंगे।
 
राम मंदिर बनने से
भ्रष्टाचार नहीं मिटेगा 
गरीबी नहीं मिटेगी 
किसानों की खुदकुशी बंद नहीं होगी 
हत्याएं, अपराध, चोरी-चकारी नहीं मिटेगी 
अन्याय नहीं मिटेंगे
बस रामजी की भव्य मूर्ति की साक्षी में 
सब अनाचार, अत्याचार होते रहेंगे।
 
रामजी ने कभी सोचा भी अवतार लेकर प्रकट होने का
तो सब कुछ देखते-देखते 
वे मूर्ति में प्रतिष्ठित भी नहीं रहेंगे 
चुपके से अंतर्ध्यान हो जाएंगे
स्वधाम में।
 
राम मंदिर बने तो कोई जादू नहीं होगा 
और मंदिर बनने से भी किसी वर्ग पर कोई कहर नहीं बरपेगा 
उनके खुदा यहीं रहेंगे 
और वे बाखुदा रहेंगे।

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