biodatamaker

रोकना होगा इस आदमी को!

Updated: शनिवार, 15 जुलाई 2023 (14:54 IST)
समझाया जाना चाहिए इसे 
पागल हो गया है यह आदमी 
बांटने बैठ गया है सुर्ख़ गुलाब 
खून से सने मैदानों में!
खोलने लगा है 
दुकानें मोहब्बत की 
नफ़रत के बाज़ारों में 
देखा है पहले कहीं-कभी!
पागलपन इस तरह का?
 
हो गया है ज़रूरी अब 
बचाना तानाशाही को 
इस आदमी की गिरफ़्त से 
कर देगा तबाह यह 
एक साथ सारी चीज़ें—
बारूदों के गोदाम, खूनी तलवारें
आस्तीनों में छुपे सांप!
रोकना चाहिए इस आदमी को 
और आगे बढ़ने से!
 
क्या करेंगी अदालतें?
ये ही बचा लेगा जब 
आईन और आईना मुल्क का!
ज़मीर अवाम का!
 
हो गया है ज़रूरी अब 
बांध देना इसे मज़बूती से
बांट  देगा वरना दोनों हाथ भी 
लगाने पौधे इंसाफ़ के, 
बोने बीज जम्हूरियत के!
 
कौन लगेगा क़तारों में
घर ढोने के लिए 
मुफ़्त का अहसान!
हिल जाएंगी यूं तो 
सल्तनतें सारी, हर जगह 
टिकी हुई हैं जो 
सूई की नोकों पर!
 
हो गया है यह आदमी 
बहुत ख़तरनाक 
सिखा रहा है जनता को 
निकलना सूई के छेद से!
रोकना ज़रूरी है इसे 
रोक नहीं पाएगी 
अदालत दुनिया की कोई!
लेखक के बारे में
श्रवण गर्ग
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

अगला लेख