Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : कितने दिन हुए

- ऋचा दीपक कर्पे
 
कितने दिन हुए
न कुछ सोचा, न लिखा!!
चलो आज कविता लिखी जाए...
बैठा जाए कलम ले कर..
आज तो लिखना ही है!!
यह ठान कर...
 
किताब छपवानी है
कवयित्री कहलाती हो!
और....
बीस कविताएं भी न लिखी 
अब तक!!
खुद को ही एक फटकार लगाई..
लिखो तो ज़रा, कहकर...
 
दिमाग दौडने लगा
विषयों की खोज में
सोचने लगा देश पर लिखूं
या देशभक्ति पर
फूल पर लिखूं या पेड़ की पत्ती पर?
चुनावी लहर पर लिखूं
या तपती गर्मी के कहर पर??
 
देश में भ्रष्टाचार भी है और
महिलाओं पर हो रहा 
अत्याचार भी है!
निजी पाठशालाओं की
चलती मनमानी है
तो अस्पतालों में बेईमानी भी है
 
फिर सोचा, 
चलो पहाडों-झरनों पर लिखा जाए
या पवित्र निश्चल प्रेम का ही
विषय चुना जाए...! 
 
दिमाग दौड़ता ही रहा 
दिशाहीन घोडे की तरह 
मन के आसमान में विचार
मेघ बन कर गरजे..
परंतु यथार्थ की धरा पर
एक बूंद भी न बरसे..
 
थक हार कर 
फिर रख दी कलम
यूं सोच कर तो 
कविता लिखना न हो पाएगा
यह तो अंदाज़-ए-इश्क है
जब होना होगा हो जाएगा...। 
 

Show comments

सभी देखें

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

घर की 'एनर्जी' बदल देंगी ये खास धूप, जानें किस धुएं में छिपा है क्या राज

Diabetes Control Tips: बिना दवा के भी कंट्रोल हो सकती है शुगर! आजमाएं ये 10 जादुई और बेहद आसान घरेलू उपाय

सभी देखें

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम के लिए जानें खास 7 डाइट प्लान और इम्युनिटी बढ़ाने वाले घरेलू उपाय

बाल कविता: अकड़म बकड़म

Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

अगला लेख