Hanuman Chalisa

भारत माता पर कविता : जय भारती

Updated: गुरुवार, 25 जनवरी 2018 (16:21 IST)
हिम तुंग शिखर से आच्छादित,
भारत का स्वर्ण मुकुट चमके।
माता के पावन चरणों में,
हिन्द नील का जल दमके।
 
पश्चिम में कच्छ की विशाल भुजा,
पूरब में मेघ की गागर है।
उत्तर में है कश्मीरी केसर,
दक्षिण में हिन्द का सागर है।
 
भारत अविचल और सनातन,
सब धर्मों का सम्मान यहां।
बाइबिल, गीता और कुरान की,
शिक्षाओं का गुणगान यहां।
 
भारतमाता की जय कहना,
अपना सौभाग्य समझता हूं।
मातृभूमि पर शीश चढ़ाना,
जीवन लक्ष्य समझता हूं।
 
मीरा की भक्ति का भारत,
सीता की त्याग कहानी है।
पन्ना धाय की है ये भूमि,
बलिदानों की अमर कहानी है।
 
आजाद, भगतसिंह के सीने से,
हुंकार उठी आजादी की।
बिस्मिल, अशफाक ने पूरी की,
कसम अंग्रेजों की बर्बादी की।
 
आजादी को हमने पाकर,
उसका मूल्य नहीं जाना है।
मनमानी को ही हमने अब तक,
अपनी स्वतंत्रता माना है।
 
बलिदानों की बलिवेदी पर,
हम शीश चढ़ाना क्या जानें?
भारतमाता के शुभ्र भाल पर,
आरक्त चढ़ाना हम क्या जाने?
 
भारतमाता क्या होती है,
तुम पूछो वीर भगतसिंह से।
त्याग अगर करना चाहो तो,
सीखो शहीद नृसिंहों से।
 
जिस रज में मैंने जन्म लिया,
तन-मन उसको धारे है।
भारतमाता की रक्षा में,
प्राण समर्पण सारे हैं।
लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

ब्रिटिश सरकार न सरस्वती प्रतिमा वापस करेगी, न कोहिनूर हीरा

बारिश में कुछ टेस्टी खाने का है मन? ट्राई करें ये 5 मानसून स्पेशल रेसिपीज

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ : होमर के महाकाव्य की उदास सिनेमाई पुनर्रचना

अगला लेख