Hanuman Chalisa

बुजुर्गों का महत्व दर्शाती कविता : आधुनिक

Updated: बुधवार, 8 जून 2016 (12:46 IST)
क्या जिंदगी आधुनिक हो गई 
मां अब नहीं देखती दीवार पर 
धुप आने का समय 
अचार में क्या मिलाया जाए और कितना 
बूढ़े पग नहीं दबाए जाते अब क्यों 
क्या जिंदगी आधुनिक हो गई
चश्मे के नंबर कब बढ़ गए 
सुई में धागा नहीं डलता, कांप रहे हाथ 
बूढ़ों को संग ले जाने में शर्म हुई पागल अब क्यों 
क्या जिंदगी आधुनिक हो गई
 
घर के पिछवाड़े से आती खांसी की आवाजें 
संयुक्त दि‍खते परिवार मगर लगता अकेलापन 
कुछ खाने की लालसा मगर कहने में संकोच अब क्यों   
क्या जिंदगी आधुनिक हो गई
 
बुजुर्गों का आशीर्वाद /सलाह /अनुभव पर लगा जंग 
भाग-दौड़ भरी दुनिया में उनके पास बैठने का समय कहां 
गुमसुम से बैठे पार्क में और अकेले जाते धार्मिक स्थान अब क्यों  
क्या जिंदगी आधुनिक हो गई
 
बुजुर्ग हैं तो रिश्ते हैं, नाम है, पहचान है 
अगर बुजुर्ग नहीं तो बच्चों की कहानियां बेजान है 
ख्याल, आदर-सम्मान को करने लगे नजर अंदाज अब क्यों  
क्या जिंदगी आधुनिक हो गई
लेखक के बारे में
संजय वर्मा 'दृष्ट‍ि'
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

Azad Jayanti 2026: जयंती विशेष: चन्द्रशेखर आजाद के जीवन की ऐसी घटनाएं, जिन्हें हर युवा को जानना चाहिए

लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

ब्रिटिश सरकार न सरस्वती प्रतिमा वापस करेगी, न कोहिनूर हीरा

बारिश में कुछ टेस्टी खाने का है मन? ट्राई करें ये 5 मानसून स्पेशल रेसिपीज

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

अगला लेख