Daily Horoscope
✕

मानसून पर कविता : पहली बारिश

Updated: गुरुवार, 5 जुलाई 2018 (18:27 IST)
-फ़खरुद्दीन सैफ़
 
मानसून का मेरे शहर में आना,
जैसे मंजिल पर पहुंचा हो कोई सफीना।
 
आज की सुबह है मस्त ताजी-ताजी,
जैसे नहाकर निकली हो कोई हसीना।
 
घटाएं ऐसी छाई हैं आसमान पर,
जैसे किसी हसीं के केश का हो लहराना।
 
पहली बारिश की मिट्टी की खुशबू, 
जैसे तेरे प्यार से फिजां का हो महक जाना।
 
आसमान पर चमकती बिजली,
लगे हैं जैसे तेरा हो आंखें मिलाना।
 
पानी बरसने की प्यारी-प्यारी आवाज, 
जैसे तेरा हौले-हौले हो हंसना।
 
ये बादलों का जोर-जोर से गरजना, 
जैसे तेरे दीदार से मेरे दिल का हो धड़कना।
 
'सैफ़' इस बारिश से सबके चेहरे खिल उठे,
गरीबों-किसानों का नहीं है खुशी का कोई ठिकाना।
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सपने में पुराने संसद भवन से संवाद

रोज की कॉफी में मिलाएं यह मसाला: ब्रेन फॉग, फैटी लिवर और सूजन से मिलेगी मुक्ति; जानिए क्या है 'यूजेनॉल' का जादुई विज्ञान!

जलवायु पर बोझ बनी अमीरी, भुगत रहे हैं गरीब

लेखिका ज्योति जैन की चार पुस्तकों का भव्य लोकार्पण समारोह सफलतापूर्वक संपन्न

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

अगला लेख