Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : मेरी-तुम्हारी-हमारी

Updated: बुधवार, 15 मई 2019 (12:21 IST)
- ऋचा दीपक कर्पे
 
मेरी कुछ कविताएं
सिर्फ़ मेरे लिए होती हैं
और हां! 
सिर्फ़ तुम्हारे लिए भी।
 
तुम्हारे साथ खिलने वाली
मेरी हर उस सुबह की तरह
और हर उस रात की भी तरह
जो तुम्हारे साथ ढ़लती है..
 
मैं लिख देती हूं कुछ ऐसा
जिसे पढ़ते सब हैं
लेकिन समझते हो सिर्फ़ तुम
 
ऐसी कविताएं,
जो सबके दिमाग पहुंचती हैं
लेकिन दिल तक पहुंचती है
सिर्फ तुम्हारे
 
मैं क्या लिखती हूं
ये पता होता है सबको 
लेकिन क्यूं लिखती हूं
ये जानते हो सिर्फ़ तुम 
 
सब पढते हैं, सबके मुंह से
वाह! निकलता है
तुम पढ़ते हो और
तुम्हारे दिल से आह! निकलता है 
 
मेरे लफ़्ज आवाज बनकर
सबके कानों तक पहुंचते हैं
लेकिन उन लफ़्ज़ों में
छिपे अहसास पहुंचते हैं
सिर्फ़ तुम तक.....
 
क्योंकि,
मेरी कुछ कविताएं
सिर्फ़ मेरे लिए होती हैं।
और हां!
सिर्फ़ तुम्हारे लिए भी।

Show comments

सभी देखें

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

सभी देखें

ये हमारी कहानी नहीं हैं, हमारी कहानी कुछ और है, जिसे हमें खोजना है

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

Banyan Tree Benefits: शीघ्रपतन और वीर्य के पतलेपन से हैं परेशान? आयुर्वेद में छिपा है बरगद के फल और दूध का यह पारंपरिक नुस्खा

World Emoji Day 2026: विश्व इमोजी दिवस: कब और क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और रोचक तथ्य

अगला लेख