Hanuman Chalisa

कविता : जिहाद

Updated: शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018 (16:38 IST)
सिरफिरी हवाएं
 
दिनेश कुमार 'डीजे'
 
अंधेरों से दुश्मनी कई दुश्मन बना देती है,
सिरफिरी हवाएं अक्सर दीया बुझा देती हैं।
 
संक्रांत की कटी पतंगों से मैंने जाना है,
बुरी सोहबत ऊंचे किरदार गिरा देती है।
 
परिंदों को तालीम उड़ने की कौन देता है?
पंखों की छटपटाहट उड़ना सिखा देती है।
 
किताबों के साथ मैं रस्ते भी पढ़ लेता हूं,
किताबों से ज्यादा ठोकर सिखा देती है।
 
आशिक और जिहादी मुझे एक-से दिखते हैं,
नादानी इन दोनों को काफिर बना देती है।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

भारत की विभिन्नताओं में समाहित है अटूट अभिन्नता!

स्पेन में मोरक्को से घुसपैठ, यूरोपीय संघ में मचा हड़कंप

दादाजी की याद में पोती की पाती, पढ़कर आंखें भी नम होगी, उर्जा भी मिलेगी

क्यों मनाया जाता है विश्व आदिवासी दिवस? जानिए इतिहास और इसका महत्व

अभय छजलानी, पत्रकारिता के तपस्वी साधक

अगला लेख