sundarkand

भारत-पाक संबंधों पर हिन्दी काव्य छंद...

Updated: बुधवार, 31 मई 2017 (11:50 IST)
कुंडलियां (काव्य छंद) ... 



1.
 
कूकर कौआ लोमड़ी, ये होते बदजात,
लठ्ठ से इनको मारिए, तब ये सुनते बात।
तब ये सुनते बात, पाक है लोमड़ ऐसा,
छाती पर हो लात, बिलखता कूकर जैसा।
कह 'सुशील' कविराय, मिटा दो पाक का हौआ,
घुसकर मारो आज, भगा दो कूकर कौआ।
 
2.
 
सीमा पर सेना लड़े, घर उजाड़ें गद्दार,
कश्मीर में केसर जहर, कैसे होय उद्धार।
कैसे होय उद्धार, जहर है घर में अंदर,
सैनिक सीमा पास, ये घर में मस्त कलंदर।
कह 'सुशील' कविराय, जहर इनको दो धीमा,
मन में लगी है आग, खत्म है सहन की सीमा।
 
3.
 
पाकी सेवा में लगे, कुछ हैं वतनहराम,
भारत का खाएं-पिएं, बनकर पाक गुलाम।
बनकर पाक गुलाम, लाज नहीं इन्हें आवे,
रटे पाक का नाम, भारत न इनको भावे।
कह 'सुशील' कविराय, निकालो इनकी झांकी,
कर दो काम तमाम, भगा दो ये नापाकी।
लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

फ्रेंडशिप डे 2026: दोस्ती पर बॉलीवुड के 25 सदाबहार गाने, हर दोस्त को आएंगे पसंद

फ्रेंडशिप डे 2026: दोस्ती कब बदल जाती है प्यार में? जानिए 7 बड़े संकेत

खूब खाइए कि आप लखनऊ में हैं...

फ्रेंडशिप डे 2026: दोस्त कितने प्रकार के होते हैं? जानिए किन दोस्तों से रहना चाहिए सतर्क

अगला लेख