लोटपोट कर देगा आज का सर्दियों का यह मजेदार चुटकुला : नहाने की परिभाषा
रमन (अपने दोस्त चमन से)- भगवान का दिया सब कुछ है...
साबुन है,
बाल्टी है,
मग है,
तौलिया है,
पानी है पर नहाने की हिम्मत नहीं है।
.
चमन बोला- वैसे भी यार,
नहाने से कुछ होता नहीं,
बस आदमी दिल का साफ होना चाहिए।
.
रमन बोला- हां यार,
इतनी सर्दी में नहाना तो बाबा,
अपनी समझ से तो बाहर है।
.
फिर चमन ने उसके वाक्य को
कुछ इस तरह पूरा किया-
हां, सही कहा दोस्त...
जिस शब्द में ही आगे 'न' है
और पीछे ना है
तो बीच में ये दुनिया
'हां' कराने पर क्यों तुली है ??
हा...हा...हा...
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।....
और पढ़ें