मोबाइल में हिन्दी का बढ़ता वर्चस्व

भाषाई मोबाइल से सूचना क्रांति

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वैसे तो मोबाइल हैंडसेटों के हिन्दीकरण के लिए मैं लंबे समय से कार्य कर रहा हूँ लेकिन वास्तविक खुशी मुझे तब होती है जब मैं अपने गाँव के बमुश्किल पढ़ पाने वाले लोगों को हिन्दी भाषा में सरपट मोबाइल चलाते देखता हूँ। किसी मित्र का नंबर सेव करने से लेकर एसएमएस करने तक हर काम वे बड़ी आसानी से हिन्दी में कर लेते हैं। जिस तेजी से मोबाइल ने गाँव-खेड़ों में हर हाथ तक पहुँच बनाई है, सूचना की वास्तविक क्रांति इसी को कहा जाएगा।

मुझे यह भी खुशी है कि वे मेरी तरह अंग्रेजी को सूचना प्राप्ति की सीढ़ी की तरह उपयोग करके-करते उसके गुलाम नहीं हो गए। उस समय मुझे उन हिंदुस्तानी अंग्रेजीदाँ लोगों की भी याद आती है जो हिन्दी का उपयोग करने में कठिनाई को कारण गिनाते रहते हैं।

आज हमारे देश में 60 करोड़ के आसपास मोबाइल उपयोग किए जा रहे हैं और मोबाइल में हिन्दी भाषा की माँग कितनी अधिक है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि नोकिया, सोनी, सेमसंग जैसी बड़ी कंपनियों से लेकर सस्ती चाइनीज कंपनियों के अधिकांश मोबाइलों में हिन्दी भाषा उपयोग करने का विकल्प दिया जाता है।

हर हिन्दी भाषी हाथ तक अपना मोबाइल पहुँचाने के लिए ये कंपनियाँ करोड़ों रुपए खर्च रही हैं। मोबाइल को हिन्दी में बदलने के लिए आपको केवल भाषा वाले विकल्प में जाकर हिन्दी को चुनना है और बस हो गया। अब चाहे आपको मेनू विकल्प देखना हो या एसएमएस लिखना हो, हर काम आपकी भाषा में होने लगेगा। आधुनिक कीपैड से टाइप करना भी बहुत आसान है और यह आपके मनचाहा शब्द लिखने में मदद करते हैं।

मोबाइल पर वायरलेस इंटरनेट की उपलब्धता ने इसे और भी उपयोगी बना दिया है। कंप्यूटर पर उपयोगी सेवाएँ देने वाली तमाम बड़ी कंपनियाँ मोबाइल की कंप्यूटर से तेज, सस्ती और सुविधाजनक पहुँच को देखते हुए अपनी सेवाएँ हमारी भाषा में मोबाइल पर भी देने लगी हैं। चाहे मंडी या बाजार भाव देखना हो, मौसम की जानकारी प्राप्त करना हो, किसी व्यंजन की रेसिपी प्राप्त करना हो, चुटकुले देखना हो, या फिर ब्लॉगिंग करना हो - सभी कुछ पलक झपकते हिन्दी में जीपीआरएस या 3जी के द्वारा पलक झपकते मोबाइल पर हाजिर होता है। मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियाँ अपने अनुप्रयोगों के माध्यम से नाममात्र के शुल्क पर हिन्दी में समाचार, क्रिकेट स्कोर से लेकर मनोरंजन सेवाएँ उपलब्ध करा रही हैं।

WD|
जितेन्द्र जायसवाल
मोबाइल निर्माता और अन्य निजी कंपनियाँ अब हिन्दी में जीपीएस (रास्ते खोज सकने की सुविधा) उपलब्ध कराने को लेकर तरह-तरह के प्रयोग कर रही हैं और अब वह दिन दूर नहीं जब किसी भी स्थान और रास्ते के बारे में पूरी जानकारी आपकी मोबाइल स्क्रीन पर होगी। यह सुविधा वैसे तो हर व्यक्ति के लिए उपयोगी है लेकिन वाहन चालकों के लिए विशेष उपयोगी होगी।



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