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पुस्तक चर्चा : पद्मावत, मानुस पेम भएउ बैकुंठी

मंगलवार,अगस्त 2, 2022
purshottam agarwal
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हाई स्कूल पास करने के बाद वे जब उच्च अध्ययन के लिए लखनऊ गए तो वहां भी वे ऐसी अंग्रेज-विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहे। नाराज अंग्रेज सरकार ने उनके पिता को 46 वर्ष की आयु में ही सेवा-मुक्ति दे दी। इससे उनके परिवार पर आर्थिक संकट छा गया। एक वक्त आया ...
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लेकिन वर्तमान में पत्रकारिता को लेकर कोई गंभीर विमर्श या चिंता कहीं नजर नहीं आते हैं। ऐसे दौर में जब पत्रकारिता को लेकर कोई चर्चा नहीं करना चाहता, अगर कोई पत्रकारिता के सभी आयामों को लेकर विमर्श करे और इसके बारे में पाठ दर पाठ विचार कर एक दस्‍तावेज ...
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प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को चेन्नई में 'Central Institute of Classical Tamil' के नए परिसर का उद्घाटन किया। यह केंद्र द्वारा आर्थिक रूप में पोषित संस्थान है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि वह तमिल संस्कृति और भाषा के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी ...
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हम बात कर रहे हैं Sun Tzu, The Art of War (सन त्ज़ु, द आर्ट ऑफ़ वार) की, यह किताब सन त्ज़ु के द्वारा लिखी गई थी। यह किताब उस जमाने की सेना के युद्ध पद्धति और सैन्य तौर-तरीकों पर आधारित है, लेकिन यह किताब आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी 2500 साल ...
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इस लेख में हम चर्चा करेंगे, स्टीव जॉब्स की बायोग्राफी "Steve Jobs" पर। यह अमेरिकी बिजनेस मैग्नेट और एप्पल इंक के संस्थापक स्टीव जॉब्स की अधिकृत बायोग्राफी है। इसे जॉब्स के अनुरोध पर CNN और TIME के पूर्व कार्यकारी वॉल्टर इसाकसन द्वारा लिखा गया था, ...
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उपनिषद कहते है-चरैवेति, चरैवेति अर्थात् चलते रहो। चलते रहने का नाम ‘जीवन’ है। हर स्थिति और परिस्थिति में आगे ही बढ़ते जाने का नाम जीवन है। “जीवन” की इस “जगत्” में माया “जगदीश” ने रची है। कहते हैं चिकित्सक, वैद्य, डॉक्टर धरती पर ईश्वर का दूसरा रूप हैं ...
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लघुकथा के स्वरुपगत, आकारगत, वस्तुगत और शिल्पगत आदि विशिष्टताओं को लेकर निष्कर्षों का आसमान अभी भी साफ़ नहीं है? जबकि लघुकथा स्वरूप, आकार, वस्तु और शिल्प जैसी विशिष्टताओं के कारण ही व्यापक जनमानस तक पहुंचने में सफल हुईं है।
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सुबीर- टच यों कि या तो प्रसंग ऐसे होंगे जो आपके जाने सुने नहीं होंगे। या परिचित प्रसंगों के भी जिस निष्कर्ष पर पहुंचने का अनुमान आप लगा रहे होंगे वे गलत साबित होंगे। पंकज सुबीर इसीलिए पंकज सुबीर हैं।
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स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के विराट व्यक्तित्व के बारे में दो पुस्तकों पर एक नज़र.....
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बापू और हरिलाल दोनों अपनी जगह अच्छे थे, सच्चे थे, सही थे लेकिन परिस्थितियों के दंश ने एक सुयोग्य पुत्र को कंटीली राह पर धकेल दिया। जीवनभर पिता के प्रति पलते आक्रोश ने हरिलाल को पतन की राह पर धकेल दिया। जब सारा विश्व बापू को सम्मान के साथ अंतिम विदाई ...
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कवि का मतदाता को निर्जीव होने की संज्ञा दे देना जन जाग्रति के लिये रामबाण व्यंग्य है। इस और एक कवि ही अंगुली उठा सकता है। कवि ने प्रजातंत्र के चार स्तम्भों के साथ एक पांचवा स्तंभ और जोड़ दिया और वह है मतदाता।
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लेखक महेन्‍द्र कुमार सांघी अपने और अपने आसपास के हर दृश्‍य को बेहद करीब से देखकर उसे अक्षरों में, अपनी एक बेहद सरल और मासूम सी भाषा में दर्ज करते हैं। कोई ऐसा विषय नहीं, कोई ऐसा बिंब नहीं जिसका इस्‍तेमाल कर उसे उन्‍होंने अपनी कविता में न पिरोया हो।
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महेन्द्र कुमार सांघी की कविताओं में वैयक्तिक, पारिवारिक, सामाजिक सभी तरह की भावधाराएं हिचकोले भरती नज़र आती हैं। उनके शब्दबाण अचूक हैं। वो आंखें बंद कर बाणों को नहीं चलाकर दृष्टिसम्पन्नता के साथ व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हैं।
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Bhopal gas tragedy लेखक हमें मिलवा‍ता अपने देश की मूल्यविहीन राजनीति से, आत्मा को बेचकर 'आरोपियों' को चोर रास्तों से निकालते ‍मंत्री और नेता नामक 'धिक्कार-पुरुषों' से। दुनिया के किसी भी देश में नहीं बनी पर गैस त्रासदी के बाद हमारे देश में बनी ...
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यह किताब है नादिया मुराद की। नादिया मुराद एक ऐसी सा‍हसि‍क लड़की है, जिसने इस्‍लामिक स्‍टेट की यातनाओं के खि‍लाफ अपनी आवाज उठाई। नादिया मुराद एक यजीदी युवती है। जिसने आईएसआईएस की कैद में रहते हुए तमाम तरह की यातनाओं को भोगा। चाहे वो मारपीट हो या ...
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किरदारों की रचना और भाषा को जीवंत और रोचक बनाने के लिए किए गए प्रयोग। किताब के सभी किरदार अपने नाम की तरह, नेचर में भी यूनिक हैं। कड़क ​मिजाज पुलिस अधिकारी दुर्गा शक्ति ठाकरे, पूरे पुलिस महकमे के लिए जानकारियों का चलता—फिरता कोश विकीपीडिया, सीसीटीवी ...
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डेविड गोगिंस ने अपने अनोखे अनुभव पर एक किताब लिखी है Can't Hurt Me: Master Your Mind and Defy the Odds” जो मोटिवेशनल और सेल्फ हेल्प जॉनर में बेस्ट सेलर रही है।
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जापानियों के लिए इकिगाई का मतलब है जीवन की सार्थकता। वे अपनी उम्र में यह खोजने की कोशि‍श करते हैं कि अपने जीवन को सार्थक कैसे बनाएं। इसके लिए वे क्‍या करते हैं।
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कर्ण साहित्यकारों का एक चहेता पात्र है। मराठी के प्रतिष्ठित उपन्यासकार शिवाजी सावंत का 'मृत्युंजय' कर्ण को केन्द्र में रखकर लिखा गया चरित्र-प्रधान उपन्यास है।
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