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ग्रीन टी सभी के लिए नहीं है फायदेमंद, हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 11 अगस्त 2025 (16:51 IST)
Green Tea peene Ke nuksan: आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल की बात होती है, तो ग्रीन टी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। वज़न कम करने से लेकर डिटॉक्स तक, इसे एक ‘मिरेकल ड्रिंक’ के रूप में प्रमोट किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ग्रीन टी हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होती? जी हां, सेहत के लिए मशहूर यह ड्रिंक कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है। कई बार हम बिना सोचे-समझे सिर्फ ट्रेंड या हेल्थ टिप्स को फॉलो करते हुए ग्रीन टी पीना शुरू कर देते हैं, लेकिन हमारे शरीर की ज़रूरत और स्थिति को समझे बिना ऐसा करना नुकसान पहुंचा सकता है। ग्रीन टी में मौजूद कैफीन, टैनिन्स और कुछ सक्रिय यौगिक (compounds) ऐसे लोगों के लिए दिक्कतें खड़ी कर सकते हैं जिनकी सेहत पहले से संवेदनशील है। तो आइए जानते हैं कि किन 6 तरह के लोगों को ग्रीन टी से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
 
1. प्रेगनेंसी में 
गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। इस समय अत्यधिक कैफीन का सेवन भ्रूण के विकास पर असर डाल सकता है। ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा कॉफी से कम होती है, लेकिन यह बिल्कुल शून्य नहीं है। इसके अलावा, इसमें मौजूद टैनिन आयरन के अवशोषण (absorption) को कम कर सकते हैं, जिससे गर्भावस्था के दौरान एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है। 
 
2. खाली पेट ग्रीन टी पीने वाले लोग
कई लोग वजन घटाने के चक्कर में सुबह उठते ही खाली पेट ग्रीन टी पी लेते हैं। लेकिन ग्रीन टी में मौजूद टैनिन्स पेट में एसिड का स्तर बढ़ा सकते हैं, जिससे गैस, एसिडिटी और पेट दर्द की समस्या हो सकती है। अगर आपका पाचन तंत्र संवेदनशील है, तो खाली पेट ग्रीन टी पीना अल्सर या गैस्ट्रिक ट्रबल का खतरा बढ़ा सकता है। इसे हमेशा हल्के नाश्ते के बाद ही पीना बेहतर है।
 
3. नींद से जुड़ी समस्याओं वाले लोग
ग्रीन टी में मौजूद कैफीन नींद के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। अगर आपको पहले से अनिद्रा (insomnia), नींद टूटने या बेचैनी की समस्या है, तो ग्रीन टी की अधिक मात्रा से समस्या और बढ़ सकती है। खासकर शाम या रात में ग्रीन टी पीने से दिमाग ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे नींद आने में दिक्कत हो सकती है।
 
4. एनीमिया के मरीज
ग्रीन टी में मौजूद टैनिन्स शरीर में आयरन के अवशोषण को कम कर देते हैं। अगर आप पहले से एनीमिया के शिकार हैं, तो ग्रीन टी आपकी हीमोग्लोबिन लेवल को और घटा सकती है। ऐसे लोगों को अगर ग्रीन टी पीनी भी है, तो आयरन युक्त भोजन से कम से कम एक घंटे का गैप जरूर रखना चाहिए।
 
5. दिल और ब्लड प्रेशर के मरीज
ग्रीन टी का हल्का उत्तेजक (stimulant) प्रभाव होता है, जो दिल की धड़कन को तेज कर सकता है और ब्लड प्रेशर पर असर डाल सकता है। अगर आप हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन अनियमित होने या हृदय रोग के मरीज हैं, तो ग्रीन टी पीने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
 
6. कैफीन सेंसिटिव लोग
कुछ लोग कैफीन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे लोगों को थोड़ी सी भी कैफीन लेने पर घबराहट, चक्कर, तेज धड़कन, सिरदर्द या बेचैनी महसूस हो सकती है। ग्रीन टी भले ही कॉफी जितनी कैफीन न देती हो, लेकिन कैफीन-सेंसिटिव लोगों के लिए यह भी परेशानी का कारण बन सकती है।
 

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