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अपनी याददाश्त बढ़ाना है तो नई भाषा और संगीत से जोड़े अपना नाता

Updated: मंगलवार, 22 मई 2018 (17:06 IST)
* अपने दिमाग को ज्यादा प्रभावी बनाना है तो सीखें नई भाषा और संगीत
 
एक नए अध्ययन में सामने आया है कि वाद्य यंत्र को सीखने और एक नई भाषा को बोलना सीखने से आपका दिमाग ज्यादा प्रभावी तरीके से काम करने में सक्षम हो सकता है। अध्ययन में पाया गया कि संगीतज्ञों और द्विभाषी लोग में काम की याददाश्त बेहतर होती है।
 
न्यूयॉर्क एकेडमी ऑफ साइंसेज के जर्नल 'एन्नल्स' में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि संगीत या एक से ज्यादा भाषाओं की जानकारी की पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति विभिन्न दिमागी नेटवर्क सक्रिय करते हैं और उनकी दिमागी गतिविधि कम होती है।
 
कनाडा में बेक्रेस्ट्स रॉटमैन रिसर्च इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ वैज्ञानिक क्लाउडे अलेन ने कहा कि ये नतीजे दिखाते हैं कि समान काम करने के लिए संगीतकारों और द्विभाषियों को कम प्रयास करने पड़ते हैं, यह ज्ञान संबंधी गिरावट के खिलाफ भी उनका बचाव करती है और डिमेंशिया के खतरों को भी टालती है।
 
अलेन ने कहा कि हमारे नतीजे यह भी दिखाते हैं कि एक व्यक्ति के अनुभव, जो एक वाद्य यंत्र बजाना सीखता है या एक अन्य भाषा सीखता है, यह तय कर सकते हैं कि दिमाग कैसे काम करता है और किस नेटवर्क का इस्तेमाल होता है? संगीतकार और द्विभाषी लोग दिखाते हैं कि उनमें काम को लेकर बेहद अच्छी याददाश्त, चीजों को दिमाग में रखने की बेहतर क्षमता जैसे फोन नंबरों, निर्देशों को याद रखना और दिमागी गणित की अच्छी क्षमता होती है। (भाषा)
 

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