Genetic Risk of Heart: फैमिली में है हार्ट अटैक की हिस्‍ट्री तो हो जाएं सावधान, ऐेसे रखें ध्‍यान

अगर आपके परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री है तो आपको भी बहुत सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे लोगों को दिल की बीमारी होने का खतरा ज्यादा होता है, जिनक परिवार में किसी को दिल की बीमारी रही है।

बदलती लाइफस्टाइल में लोगों को हार्ट की जुड़ी समस्याएं ज्यादा होने लगी हैं। हार्ट की बीमारियों के चलते हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ने लगा है। इसके अलावा जिन लोगों के परिवार में 55 साल की उम्र से पहले किसी को हार्ट की समस्या जैसे अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेलियर हुआ है तो उसके परिवार हो हार्ट संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

आनुवांशिक बीमारी है इस वजह से भी हार्ट से जुड़ी बीमारियां होने की फैमिली हिस्ट्री बनती है। ऐसे में आपको अपना बहुत ध्यान रखने की जरूरत है। लाइफस्टाइल में बदलाव करके आप इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

ये लाइफस्‍टायल अपनाएं

एक्‍सरसाइज करें- फिट रहने के लिए आपको नियमित रूप से व्यायाम और योग करना चाहिए। योग और एक्सरसाइज से दिल की बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना चाहिए।

वजन कंट्रोल रखें- वजन बढ़ने पर हार्ट, डायबिटीज और कई तरह की दूसरी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आपके परिवार में आनुवांशिक कारणों से हार्ट डिजीज का खतरा है तो आपको अपने वजन को हमेशा कंट्रोल में रखने की जरूरत है।

नो टू स्‍मोकिंग - अगर आपकी फैमिली हिस्ट्री में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेलियर की बीमारी रही है तो आपको तंबाकू का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। तंबाकू और स्मोकिंग से दिल की बीमारी होने का खतरा माना जाता है।

ड्रिंक न करें- हार्ट डिजीज की फैमिली हिस्ट्री होने पर आपको एल्कोहल से दूर रहना चाहिए। आपको शराब नहीं पीनी चाहिए। शराब पीने से दिल से जुड़ी बीमारी होने का खतरा रहता है।

ब्लड शुगर को कंट्रोल- कई लोगों को डायबिटीज होने पर हार्ट की समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में आपको अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना चाहिए। अगर फैमिली हिस्ट्री में हार्ट डिजीज से पीड़ित लोग रहे हैं तो खासतौर से आपको ध्यान रखने की जरूरत है।



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