डायबिटीज के मरीज होकर भी रख रहे हैं नवरात्रि में व्रत? तो इन 7 बातों का रखें ख्याल

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मरीजों के लिए व्रत-उपवास आसान नहीं है, क्योंकि भूखा रहना और उपवास की तली-भुनी चीजें खाना दोनों ही शुगर के मरीजों के लिए नुकसानदायक है। घंटों तक भूखा रहना डायबिटीज के रोगियों में शुगर को कम हो सकती है जिसे हाइपोग्‍लाइसीमिया कहते हैं। इस स्‍थिति में अचानक पसीना आना, कमजोरी, कंपकंपी और धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसी तरह डायबिटीज के कुछ मरीजों में भूखा रहने से शुगर बढ़ भी सकती है जिसे हाइपरग्‍लाइसीमिया कहते हैं। यह स्थिति तब बनती है जब आप इंसुलिन नहीं लेते और डाइट में तली हुई या ज्यादा शुगर वाली चीजें लेते हैं।

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और व्रत रख रहे हैं तो आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल दोनों बैलेंस रखना होगा। साथ ही नीचे बताई जा रही बातों का भी खास ख्याल रखें -

1 सबसे पहले तो अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें कि आपके लिए व्रत रखना ठीक है या नहीं और आप किन परिस्थतियों में व्रत रख सकते हैं।
2 बाजार में मिलने वाली नमकीन, चिप्‍स और अन्य फरियाली चीजों का सेवन न करें, क्‍योंकि इसमें नमक और शुगर की अतिरिक्त मात्रा होती है जो आपके लिए नुकसानदायक है।

3 अगर आप डायबिटीज के साथ हाई ब्लडप्रेशर के भी मरीज हैं तो बगैर नमक का व्रत न करें।

4 डायबिटीज के रोगी फलों के साथ-साथ ड्रायफ्रूट्स, जैसे - भुने मखाने, बादाम, अखरोट का सेवन समय-समय पर कर सकते हैं।
5 उपवास के दौरान शुगर लेवल नियमित चेक करते रहें। शुगर के घटने या बढ़ने की स्थति में इसे जल्द बैलेंस करने का प्रयास करें।

6 शरीर में डिहाड्रेशन न हो, इससे बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करते रहें और ज्यादा से ज्यादा पानी या छाछ का सेवन करें।

7 अगर आपकी शुगर कंट्रोल में नहीं होती, डायबिटीज से जुड़ी कोई और परेशानी है, आप इंसुलिन लेते हैं या फिर आपको टाइप 1 डायबिटीज है तो व्रत रखने से बचना चाहिए।



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