suvichar

ताजी-हरी-चमकती सब्जियां यानी खतरे की घंटियां, जानिए कौन कर रहा है आपकी सेहत से खिलवाड़

Updated: शुक्रवार, 20 जुलाई 2018 (15:54 IST)
सावधान, कहीं आप सब्जियों के साथ बीमारियां तो नहीं खरीद रहे हैं 
 
पहले से ही सब्जियों के दाम आसमान पर चढ़े हुए हैं और उसके बाद मिलावट अब बेचारा ग्राहक करे तो क्या करें। दरअसल सब्जियों में यह मिलावट किसान कर रहे हैं। किसान लौकी, कद्दू, करेला जैसी सब्जियों का वजन बढ़ाने के लिए इनमें खतरनाक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगा रहे हैं। यह इंजेक्शन लगने के बाद यह सब्जियां एकदम से ही तंदुरुस्त हो जाती हैं और इनका वजन बढ़ जाता है। वहीं परवल जैसी सब्जियों पर चमक के लिए कलर का प्रयोग किया जा रहा है।

ALSO READ: हल्दी में मक्के का पाउडर, मिर्च में चावल की भूसी... घातक है मिलावट का बाजार, कर रहा है सेहत पर अत्याचार
 
मुनाफा वसूली के चलते इस समय हर चीज में मिलावट हो रही है, फिर चाहे वह मसाले, सब्जी या फिर ताकत प्रदान करने वाले फल सभी में मिलावट की जा रही है। सबसे महत्वपूर्ण तो यह कि जो सब्जियां जितनी ताजी और चमकदार दिखाई देती है उतनी ही खतरनाक साबित हो रही है।

विशेषज्ञों का तो यहां तक कहना है कि जिन सब्जियों में कीड़े हो वह खरीदना ज्यादा मुनासिब है बजाय चिकनी और तरोताजा सब्जियों के। क्योंकि कीड़े मारने के लिए जिन केमिकल्स का प्रयोग हो रहा है वह वास्तव में सेहत और सौन्दर्य के लिए घातक है। यहां तक कि त्वचा में सफेद दाग जैसी बीमारियां इन्हीं केमिकल्स की वजह से फैल रही है। इसलिए बेहतर होगा कि कीड़े वाली सब्जियाँ साफ कर प्रयोग कर ली जाए बजाय कीड़ेरहित सब्जी या फल के। 
 
चमकती सब्जियों का सेवन लोगों को काफी नुकसान पहुंचाता है और इनके प्रयोग से किडनी एवं लीवर को नुकसान तो होता ही है, साथ ही व्यक्ति के शारीरिक विकास पर भी प्रभाव पड़ सकता है। डॉक्टर्स के मुताबिक लंबे समय तक मिलावटी सब्जियों के सेवन करने से व्यक्ति के शरीर पर खासे दुष्प्रभाव हो सकते हैं, इसलिए अगली बार जब आप सब्जियां खरीदने जाएं तो थोड़ा संभलकर, कहीं पूरे पैसे चुकाकर ताजी सब्जियों की आड़ में आप बीमारी तो नहीं खरीद रहे हैं।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

80s retro look trend : 80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

पेरिस में बना यूरोप का सबसे बड़ा अक्षरधाम मंदिर

ब्रिक्स से भारत क्या हासिल कर सकता है...?

अगला लेख