हल्दी में मक्के का पाउडर, मिर्च में चावल की भूसी... घातक है मिलावट का बाजार, कर रहा है सेहत पर अत्याचार


महंगाई की मार झेल रही आम जनता धोखेबाजों की भी शिकार हो रही है। मार्केट में हर तरफ फर्जीवाड़ा चल रहा है। अपनी जेब भरने के लिए जनता को लूटने पर आमादा हैं। हर चीज में का गोरखधंधा इस समय जोरों पर चल रहा है। असली की आड़ में मिलावटी सामान बेचकर लोगों को ठगा जा रहा है, साथ ही उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। आइए देखते हैं, किन वस्तुओं में हो रहे हैं :
हल्दी में मक्के का पाउडर, पीला रंग और चावल की कनकी मिलाई जा रही है। यह मिलावट लीवर पर कहर बरपा रही है।

मिर्च में लाल रंग, फटकी, चावल की भूसी मिलाई जा रही है जिसके कारण लीवर सिकुड़ने की शिकायत पाई जा रही है।

धनिये में हरा रंग, धनिए की सींक मिलाने से लीवर पर सूजन होती है जो सेहत की दृष्टि से खतरनाक है।

अमचूर में अरारोठ, कैंथ, चावल की कनकी मिलाई जा रही है जिससे पेट संबंधी कई रोग पनप रहे हैं।

गरम मसाला में मुख्य रूप से लौंग की लकड़ी, दालचीनी, काली मिर्च जैसे पदार्थ मिलाए जा रहे हैं जिनसे अल्सर का खतरा बढ़ रहा है।


जीरा में सोया के बीज बहुतायत में मिलाए जा रहे हैं, जो पेट संबंधी रोगों में वृद्धि के कारण है।

किशमिश में हरा कलर, गंधक का धुआँ जैसी गैर सेहतमंद चीजें मिलाई जा रही है जिनका किडनी पर सीधा असर पड़ रहा है।

लौकी, करेला और कद्दू में बड़ी संख्या में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए जा रहे है जिनका असर शारीरिक विकास पर पड़ रहा है।

फलों में चमक के लिए मोम की पॉलिश, पकाने के लिए जिस घोल का इस्तेमाल हो रहा है उससे किडनी को नुकसान पहुँच रहा है। सरसों तेल में राइस ब्रान ऑइल की मिलावट फेफड़ों और शरीर में सूजन का कारण बन रही है।

शुद्ध घी में बटर ऑइल, वनस्पति और रिफाइंड के मिश्रण से हार्टअटैक की संभावना बढ़ रही है।


और भी पढ़ें :