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अपार धन-दौलत और सुख-समृद्धि के लिए तुलसी का केवल एक मंत्र ही काफी है, देवउठनी एकादशी के दिन अवश्‍य पढ़ें...

शनिवार,नवंबर 17, 2018
Tulsi Mantra
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हिन्दू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र स्थान दिया गया है और देवी लक्ष्मी का स्वरुप मानकर इसकी पूजा की जाती है। सुबह तुलसी ...
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श्री तुलसी चालीसा के नियमित पाठ से आरोग्य और सौभाग्य का वरदान तो मिलता ही है साथ ही जीवन में पवित्रता आती है और ...
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आज आंवला नवमी है। आंवला नवमी के दिन आंवले के वृक्ष का पूजन करना एवं आंवले का सेवन करना शुभ एवं श्रेयस्कर माना जाता है।
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भगवान गणेश के पूजन में तुलसी का प्रयोग वर्जित है। वैसे तो तुलसीजी देवीस्वरूपा और प्रात: पूजनीय है लेकिन गणपति पूजन में ...
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गुरुवार, 25 अक्‍टूबर 2018 से कार्त‍िक का महीना शुरू हो गया था तथा इस मास की समाप्ति 23 नवंबर, शुक्रवार कार्तिक पूर्णिमा ...
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कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी कहा जाता है। इस बार यह पर्व 17 नवंबर 2018 को है और इस दिन आंवले के ...
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एकादशी का हर व्रत पवित्र माना जाता है। एकादशी व्रत में कुछ नियमों का पालन आवश्यक है। जानिए, एकादशी के दिन क्या करें और ...
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कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आमला (आंवला) नवमी (आंवला वृक्ष की पूजा परिक्रमा), आरोग्य नवमी, अक्षय नवमी, ...
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इस पर्व पर पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन करने से मनचाही इच्छा पूरी होती है। इस बार इच्छा ...
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कार्तिक शुक्ल नवमी को अक्षय नवमी, आंवला नवमी या युगतिथि कहते हैं। यह तिथि युगों-युगों से अक्षय फलदायक मानी गई है। इसी ...
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फूल, पुष्प, सुमन, कुसुम मंजरी, प्रसून, गुल और फ्लॉवर्स जैसे विविध शब्दों से हम जिन्हें संबोधित करते हैं उनके ख्याल ...
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पौराणिक मान्यताओं व श्रुतियों के अनुसार, गौएं साक्षात विष्णु रूप है, गौएं सर्व वेदमयी और वेद गौमय है। भगवान श्रीकृष्ण ...
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2018 में आंवला नवमी 17 नवंबर 2018, शनिवार को है। आंवला नवमी पूजन का समय ....
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इस बार अक्षय नवमी 17 नवंबर 2018 को है। इस दिन आंवला के वृक्ष के नीचे बैठकर पूजा की जाती है।
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मौली' का शाब्दिक अर्थ है 'सबसे ऊपर'। मौली का तात्पर्य सिर से भी है। मौली को कलाई में बांधने के कारण इसे कलावा भी कहते ...
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धार्मिक शास्त्रों के अनुसार दिवाली के ठीक बाद आने वाली कार्तिक शुक्ल अष्टमी को गोपाष्टमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। ...
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माला में 108 ही दाने क्यों होते हैं, उस विषय में योगचूड़ामणि उपनिषद में कहा गया है-
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पूजा साधना करते समय बहुत सी ऐसी बातें हैं जिन पर सामान्यतः हमारा ध्यान नहीं जाता है लेकिन पूजा साधना की दृष्टि से यह ...
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हमारे शास्त्रों में गुरु व शुक्र का उदय व अस्त होना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। गुरु एवं शुक्र के अस्त स्वरूप होने पर ...
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