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आपके लिए जानना जरूरी है पुरुषोत्तम मास की ये 8 खास विशेष बातें...

सोमवार,मई 21, 2018
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सब मज़हबों ने उपवास (रोजा) का तशबीहात (उपमाओं) से ज़िक्र किया है। मिसाल के तौर पर जैन धर्म में पर्युषण पर्व के उपवास ...
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कोई शख़्स जब नेक नीयत और अच्छे जज़्बे के साथ रोजा रखता है, अल्लाह की रज़ामंदी हासिल करने के लिए रोजा रखता है यह सोचकर रोजा ...
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अल्लाह की रहमत होती है तभी दिल को सुकून मिलता है। दिल के सुकून का ताल्ल़ुक चूंकि नेकी और नेक अमल (सत्कर्म) से है।
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रोजे को समझना सबसे बड़ी बात है। रोजे को समझना यानी रोजे से जुड़े एहतियात बरतना और ग़ुस्से, लालच और हवस पर क़ाबू रखना ही ...
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इस्लाम मज़हब में रोज़ा, मज़हब का सुतून (स्तंभ) भी है और रूह का सुकून भी। रोजा रखना हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है।
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पवित्र महीना रमजान शुरू हो गया है। मुस्लिम समुदाय में रमजान की तैयारियां हो गई हैं। रमजान को लेकर बाजार में रोजा इफ्तार ...
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पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु का प्रिय महीना है। इस मास में प्रभु श्रीराम, भगवान कृष्ण और श्रीहरि की उपासना का बहुत अधिक ...
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पौराणिक शास्त्रों के अनुसार हर तीसरे साल पुरुषोत्तम यानी अधिक मास की उत्पत्ति होती है। इस माह उपासना करने का अपना अलग ...
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प्रत्येक राशि, नक्षत्र, करण व चैत्रादि बारह मासों के सभी के स्वामी है, परंतु मलमास का कोई स्वामी नही है। अत: अधिक मास ...
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सावित्री के पति अल्पायु थे, उसी समय देव ऋषि नारद आए और सावित्री से कहने लगे, तुम्हारा पति अल्पायु है।
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सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से जीवन की समस्त कठिनाइयां दूर होती है। शनि साढ़ेसाती, ढैया अथवा शनि महादशा ...
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भगवान शनिदेव की आरती- जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हिकारी। ...
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भारतीय धार्मिक परंपरा के अनुसार वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है। वट सावित्री अमावस्या व्रत ...
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पौराणिक वट सावित्री व्रत कथा के अनुसार सावित्री के पति अल्पायु थे, उसी समय देव ऋषि नारद आए और सावित्री से कहने लगे की ...
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वट सावित्री अमावस्या के दिन सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी। हिन्दू धर्म में वट ...
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वट सावित्रि व्रत जेष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से बरगद और पीपल वृक्ष की पूजा ...
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ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी को जलक्रीड़ा एकादशी, भद्रकाली तथा अचला एकादशी ...
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हर तरह के पापों को मिटाने में सक्षम अपरा/अचला एकादशी, 11 मई 2018, शुक्रवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में मनाई जाएगी। ...
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आइए प्रतिदिन पूजन के साथ नवग्रह की यह आरती पढ़ने का संकल्प लें, और हर ग्रह की शुभ दृष्टि प्राप्त करें।
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