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गुरु को बलवान करने के 6 प्रभावशाली उपाय...

शनिवार,अक्टूबर 7, 2017
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राहु और केतु की भूमिका एक पुलिस अधिकारी की तरह है जो न्यायाधीश शनि के आदेश पर कार्य करते हैं। ‍शनि का रंग नीला, राहु का ...
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भारतीय ज्योतिष में नौ ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, राहु और केतु। जिसमें राहु, ...
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यजुर्वेद से हम लाए हैं आपके लिए नवग्रहों के वैदिक मंत्र। यह मंत्र कहीं और नहीं मिलेंगे आपको। इन मंत्रों की शक्ति से ...
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पहले यह सम्पूर्ण जगत प्रकाश रहित था। उस समय कमलयोनि ब्रह्मा जी प्रकट हुए। उनके मुख से प्रथम शब्द ॐ निकला जो सूर्य का ...
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कोई आदमी कल्पना भी नहीं कर सकता कि उसे द्वारा दी जाने वाली या ग्रहण की जाने वाली वस्तु उसके लिए हानिकारक हो सकती है, ...
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सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं। वे इस समस्त जगत के नेत्र हैं। इन्हीं से दिन का सर्जन होता है। पनिषदों में भगवान सूर्य के तीन ...
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शिव साधना तथा अपने जीवन की समस्याएं दूर करने के लिए श्रावण मास से अच्‍छा समय कोई दूसरा नहीं है। सोमवार, 10 जुलाई 2017 ...
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ग्रह जातक के पूर्व कृत कर्म के आधार पर रोग, शोक, और सुख, ऐश्वर्य का भी प्रबंध करते हैं। पीड़ित जातक को चाहिए कि वह पीड़ित ...
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पक्षियों को दाना-पानी पिलाने से ग्रहों के अनिष्ट फल से छुटकारा मिलता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। कुंडली में यदि ...
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केतु यूं तो पराक्रम का प्रतीक है। लेकिन जब अशुभ फल देता है, तो जातक के पैरों के नाखून झड़ने लगते हैं, मूत्र संबंधी या ...
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राहु शुभ हो तो राजनीति में परचम लहरा जाते हैं। लेकिन राहु जब अशुभ फल देता है, तो जातक के हाथों के नाखून झड़ने लगते हैं, ...
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शनि जब अशुभ फल देने लगता है, तो जातक को घर की परेशानी आती है। शनि अशुभ होने से घर गिरने की स्थिति भी आ सकती है। जातक के ...
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शुक्र खूबसूरती के देव हैं। जीवन में जो भी ऐश्वर्य और आराम मिलता है वह शुक्र की ही कृपा से मिलता है। शुक्र वैभव और ...
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गुरु जब अशुभ फल देने लगता है, तो जातक की शिक्षा में रूकावट आ जाती है, सोने की चोरी हो सकती है, चोटी के स्थान के बाल उड़ ...
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जब सूर्य अशुभ फल देने लगता है, तो जातक के जोड़ की हड्डी दर्द देती है। शरीर अकड़ने लगता है। मुंह में थूक बार-बार आता है। ...
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बुध सौरमंडल का सबसे छोटा और सूर्य के सबसे निकट स्थित ग्रह है।यह कन्या राशि में उच्च एवं मीन राशि में नीच का होता है। ...
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बृहस्पति ग्रह अनेक नकारात्मक परिस्थिति को सकारात्मक बना देता है।यदि बृहस्पति देव की दृष्टि हो जाए तो आपका काम तुरंत ...
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सूर्यदेव का एक नाम सविता भी है। जिसका अर्थ होता है सृष्टि करने वाला। इन्हीं से जगत उत्पन्न हुआ है। यही सनातन परमात्मा ...
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नवग्रहों में सूर्य सर्वप्रमुख देवता हैं। इनका वर्ण लाल है। सात घोड़ों वाले इनके रथ में एक ही चक्र है, जो संवत्सर कहलाता ...
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