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ज्यादा वर्कलोड से सेहत को होते हैं कई नुकसान, इन तरीकों से करें वर्कलोड को कम

Updated: गुरुवार, 14 मार्च 2019 (15:35 IST)
आपने कई लोगों को कहते सुना होगा कि वे अत्यधिक व्यस्त रहते है और उन्हें बहुत वर्कलोड है। हो सकता है कि आपके साथ भी ऐसी स्थिति हो। वैसे ऐसे भी लोगों की कमी नहीं, जो कम काम का भी ज्यादा लोड लेते हैं। कई शोध के अनुसार ये बात सामने आई है कि ज्यादा वर्कलोड व लोड लेने का सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है।
 
कम उम्र में हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट समस्याएं, टाइप 2 डायबिटीज, मोटापा, सिरदर्द, कमरदर्द, गर्दन में अकड़न, तनाव, अल्कोहल व स्मोकिंग की लत, मन व शरीर में भारीपन आदि… ये सभी लक्षण बढ़ते वर्कलोड की देन है।
 
आइए, जानते हैं वे तरीके जो वर्कलोड को कम करने में सहायक होंगे - 
 
1 ऑफिस से घर लौटते के बाद लैपटॉप व कंप्यूटर पर ऑफिस का कोई काम नहीं निकाले, संभव हो तो घर पहुंचने पर ऑफिस संबंधी कोई फोन कॉल न करे न ही उठाए। बल्कि अपने परिवार के साथ समय बिताएं या चाहे तो अपना पसंदीदा काम करे जैसे गाने सुने, किताब पढ़ें आदि।
 
 
2 एक रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि ज्यादा घंटे काम करने का ये मतलब नहीं है कि आप ज्यादा काम कर रहे है या आपकी प्रोडक्टिविटी ज्यादा है। एक रिसर्च पेपर में पाया गया है कि जो लोग 70 घंटे प्रति सप्ताह काम करते हैं, वे लोग उन साथियों की तुलना में जो 56 घंटे प्रति सप्ताह काम करते हैं से ज्यादा काम नहीं कर रहे होते है। क्योंकि हर दिन, हर मिनट काम करना किसी के लिए भी संभव नहीं है।
 
 
3 ज्यादा वर्कलोड होने पर मल्टी टास्किंग अवॉइड करें। बेहतर होगा कि 'टु डू लिस्ट' तैयार करें और प्राथमिकताएं तय करें। उसी अनुसार एक-एक कर काम को खत्म करें।
 
4 ब्रेक लेते हुए काम करें।
 
5 रोजाना मेडिटेशन करें। ये मानसिक तनाव को दूर करके रिफ्रेश करता है।
 
 
6 काम के दौरान बीच-बीच में कुछ ऐसी गतिविधियां भी करें जो काम संबंधित न हो, इन्हें आप छोटे-छोटे ब्रेक लेने के दौरान कर सकते हैं जैसे वॉक करते हुए कुछ मिनिट फोन पर बात या ऑफिस के साथियों से बातें करलें।
 

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