Hanuman Chalisa

हरिद्वार में स्थित है पंच दशानन जूना अखाड़ा का हरिहर आश्रम

अनिरुद्ध जोशी
यूं तो हरिद्वार में बहुत सारे मठ, मंदिर, आश्रम आदि स्थित है परंतु 13 अखाड़ों के आश्रम को ही आश्रम माना जाता है। हरिद्वार के सभी आश्रम हरिद्वार के आसपास 10 किलोमीटर के अंदर के क्षेत्र में ही स्थित है, जिनमें से ज्यादातर आश्रम गंगा के तट पर ही बसे हैं। आओ जानते हैं पंचदशानन जूना अखाड़ा का आश्रम हरिहर आश्रम के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
 
 
1. हरिद्वार में यह आश्रम गंगा के किनारे स्थित है। यह हरिद्वार से लगभग 2 किमी की दूरी पर स्थित है कनखल में है।
 
2. इस आश्रम में तीन बड़े दर्शनीय स्थान है। पहला मृत्युंजय महादेव का मंदिर, दूसरा परदेश्‍वर मंदिर और तीसरा रुद्राक्ष का वृक्ष।
 
3. जूना अखाड़ा के पंच दशानन अखाड़े का यह आश्रम है जिसे हरिहर आश्रम कहा जाता है।
 
4. यह हरिद्वार के सबसे पुराने आश्रमों में से एक है।
 
5. यहां का पारदशिवलिंग लगभग 150 किलो वजन का है जिसका दर्शन करने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं।
 
6. यहां का रुद्राक्ष का वृक्ष भी बहुत ही चमत्काररिक माना जाता है। यह भी मुख्‍य आकर्षण का केंद्र है। रुद्धाक्ष का ऐतिहासिक और विशाल पेड़ है, जिसे सिद्धिदाता वृक्ष कहा जाता है।
 
7. अवधेशानंद गिरी जी अक्सर यहीं रुकते हैं। यह हरिद्वार का मुख्‍य आश्रम है।

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

क्या हिंसक जन आंदोलन से होगा भारत में सत्ता परिवर्तन, क्या कहता है मेदिनी ज्योतिष?

गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन करें 5 महत्वपूर्ण कार्य

भारत में बड़े जन आंदोलन की आहट? क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र, जानिए ज्योतिषीय संकेत

Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी 2026: पूजा की संपूर्ण पूजन सामग्री लिस्ट

वैवस्वत पूजा क्यों करते हैं क्या है इसका महत्व और कथा

अगला लेख