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गुजरात में 'जैश-ए-मोहम्मद' का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश, ATS की पूछताछ में बड़ा खुलासा
Gujarat ATS Jaish-e-Mohammed: गुजरात एटीएस (ATS) द्वारा पकड़े गए पांच संदिग्ध आतंकवादियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह जानकारी मिली है कि ये आरोपी गुजरात में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। राज्य में आतंकी गतिविधियों को फैलाने के इस गंभीर प्रयास को देखते हुए फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
हथियारों, बम और जहरीली गैस बनाने की ट्रेनिंग
ATS की जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों में से कुछ ने AK-47 राइफल और पिस्तौल जैसे घातक हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी। इसके अलावा, यह भी पता चला है कि उन्होंने टाइमर आधारित बम बनाने के तरीके और उसके टेस्ट ब्लास्ट (प्रायोगिक विस्फोट) के संबंध में विशेष प्रशिक्षण लिया था। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इन आरोपियों ने जहरीली गैस बनाने के प्रयोगों के बारे में भी जानकारी और ट्रेनिंग हासिल की थी, और अलग-अलग जगहों पर टाइम बम के सफल टेस्ट किए जाने की बात भी सामने आई है।
ऑनलाइन सामग्री और आईईडी ब्लास्ट के टेस्ट
सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपियों के पास से विस्फोटक और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली कई तरह की सामग्रियां बड़ी मात्रा में जब्त की हैं। जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि ये आरोपी साल 2023 से ही IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने और उसका विस्फोटों में इस्तेमाल करने के खतरनाक तरीके सीख रहे थे। पिछले कुछ सालों में उन्होंने कई बार गुप्त ठिकानों पर टेस्ट ब्लास्ट भी किए थे, जिसके लिए जरूरी कुछ सामग्रियां डिजिटल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ऑर्डर करके मंगवाई गई थीं।
वडोदरा की गुप्त बैठक और जेहादी साहित्य की जांच
इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पता चला कि आरोपियों ने वडोदरा में एक अज्ञात कश्मीरी व्यक्ति के साथ गुप्त बैठक की थी। इस बैठक के पीछे का मुख्य उद्देश्य क्या था और इसके तार कहां जुड़े हैं, इस बारे में एजेंसियां जांच कर रही हैं। इसके साथ ही आरोपियों के पास से जेहादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाला डिजिटल और प्रिंटेड साहित्य भी बरामद हुआ है। फिलहाल ATS इन आरोपियों के अन्य स्थानीय संपर्कों, फंडिंग के स्रोतों और किसी बड़ी आतंकी साजिश की प्लानिंग को लेकर बारीकी से जांच कर रही है।
