400 साल पुरानी, 3000 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप नरवर किले से चोरी, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह पर शक
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे नरवर किले से करीब 400 साल पुरानी एक ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई है। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद प्रशासन और पुरातत्व विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
रात के अंधेरे में बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के मुताबिक, चोरी की घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अज्ञात बदमाश किसी बड़े वाहन से किले के पिछले हिस्से के रास्ते अंदर पहुंचे और वहां रखी भारी-भरकम तोप को वाहन में लादकर फरार हो गए। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अब चोरी के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
प्राचीन वस्तु तस्करों पर पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तोप के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इस मामले में प्राचीन वस्तुओं की तस्करी करने वाले गिरोह की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस के मुताबिक पुलिस किले और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा वाहन की आवाजाही, संभावित रास्तों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन की लापरवाही उजागर
इस चोरी के बाद प्रशासनिक लापरवाही का मामला भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले यह तोप अपने स्थान से गिर गई थी, लेकिन उसे दोबारा सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा गया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर चोरों ने इसे आसानी से चोरी कर लिया।
नरवर किले में अब बचीं सिर्फ 13 ऐतिहासिक तोपें
राज्य पुरातत्व विभाग के उपनिदेशक ने कहा कि वह जल्द ही नरवर किले का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और पुलिस के साथ मिलकर चोरी हुई धरोहर को बरामद करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, नरवर किले में पहले कुल 14 ऐतिहासिक तोपें मौजूद थीं, लेकिन एक तोप चोरी होने के बाद अब यहां केवल 13 तोपें बची हैं।
400 साल पुरानी विरासत पर बड़ा खतरा
नरवर किला मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां मौजूद प्राचीन हथियार और स्थापत्य कला इतिहास के गौरव को दर्शाते हैं। ऐसे में ऐतिहासिक तोप की चोरी ने प्रदेश में धरोहरों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

