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फेल छात्रों की खुलेगी किस्मत! गुजरात बोर्ड ने उठाया बड़ा कदम, नवंबर-दिसंबर में होगी विशेष परीक्षा

Updated: बुधवार, 23 सितम्बर 2026 (13:25 IST)
गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSEB) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जो छात्र नियमित रूप से किसी स्कूल में पढ़ाई नहीं करते हैं या बोर्ड परीक्षा में तीन से अधिक विषयों में असफल रहे हैं, उन्हें फिर से परीक्षा देने का विशेष अवसर देने का निर्णय लिया गया है। ऐसे छात्रों के भविष्य को सुधारने के लिए बोर्ड द्वारा पहली बार 'स्टेट ओपन स्कूल' की विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। ALSO READ: गुजरात सरकार की अटल सुशासन पुरस्कार योजना, अधिकारियों को मिलेगा सम्मान
 

नवंबर-दिसंबर में नेशनल ओपन स्कूल की तर्ज पर परीक्षा का आयोजन

बोर्ड द्वारा यह विशेष परीक्षा नवंबर-दिसंबर महीने के दौरान आयोजित की जाएगी। देश में चल रही 'नेशनल ओपन स्कूल' (NIOS) व्यवस्था की तर्ज पर ही अब गुजरात राज्य में भी 'स्टेट ओपन स्कूल' के तहत छात्रों को परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इस नई व्यवस्था से राज्य के हजारों छात्र, जो मुख्यधारा की शिक्षा से वंचित रह गए थे, उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग मिलेगा।
 

फॉर्म भरने के लिए 6 अक्टूबर तक का समय   

स्टेट ओपन स्कूल की परीक्षा देने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक सभी छात्रों को आगामी 6 अक्टूबर तक अपने नजदीकी स्कूल से फॉर्म भरकर जमा करना होगा। इसके लिए छात्रों को शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमित प्रक्रिया और दिशानिर्देशों के अनुसार आवेदन करना होगा। ALSO READ: भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में Ease of Doing Business पर जोर, Single Window व्यवस्था से निवेश को आसान बनाने की कोशिश
 

गैर-स्कूली और अधिक विषयों में असफल छात्रों को मिलेगा लाभ

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को होगा जो वर्तमान में किसी भी स्कूल में नियमित पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा कक्षा 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 3 से अधिक विषयों में फेल हुए छात्रों को भी इसके माध्यम से दोबारा परीक्षा देने का सुनहरा मौका मिलेगा। इस फैसले से पहले परिणाम में असफल रहे छात्र पढ़ाई छोड़ने के बजाय दोबारा मेहनत कर सकेंगे।
 
 

शैक्षणिक वर्ष को बर्बाद होने से बचाने का सराहनीय प्रयास

गुजरात बोर्ड के इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना और असफल होने के कारण उनका एक पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो, यह सुनिश्चित करना है। स्टेट ओपन स्कूल व्यवस्था शुरू होने से नियमित स्कूल में पढ़ाई न कर पाने वाले या पिछली परीक्षा में असफल रहे छात्रों के लिए शिक्षा प्रणाली में एक सक्षम वैकल्पिक मार्ग तैयार हुआ है।
 

स्टेट ओपन स्कूल परीक्षा के लिए पात्र उम्मीदवार   

 
बोर्ड द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार इस विशेष परीक्षा का लाभ मुख्य रूप से चार श्रेणियों के छात्रों को मिलेगा: 

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