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चाचा नेहरू के 12 अनमोल वचन

Updated: शुक्रवार, 27 मई 2022 (13:20 IST)
पंडित जवाहरलाल नेहरू सन् 1930 और 1940 के दशक में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। वे ऐसे कश्मीरी ब्राह्मण परिवार के थे, जो अपनी प्रशासनिक क्षमता तथा विद्वत्ता के लिए विख्यात थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री थे।
 
यहां पाठकों के लिए पेश हैं पंडित जवाहर लाल नेहरू के 12 अनमोल वचन :-
 
* नागरिकता देश की सेवा में होती हैं
 
* संकट में हर छोटी-सी बात का महत्व होता है।
 
* लोगों की कला उनके मन का सही दर्पण है।
 
* तथ्य, तथ्य हैं और किसी की पसंद से गायब नहीं होते हैं।
 
* विफलता तभी होती है जब हम अपने आदर्शों, उद्देश्यों और सिद्धांतों को भूल जाते हैं।
 
* एक महान कार्य में लगन और कुशल पूर्वक काम करने पर भी, भले ही उसे तुरंत पहचान न मिले, अंततः सफल जरूर होता है।
  
* शांति के बिना अन्य सभी सपने गायब हो जाते हैं और राख में मिल जाते हैं।
 
* आप दीवार के चित्रों को बदल कर इतिहास के तथ्यों को नहीं बदल सकते हैं।
 
* संस्कृति मन और आत्मा का विस्तार है।
 
* एक पूंजीवादी समाज की शक्तियों को अगर अनियंत्रित छोड़ दिया जाए, तो वे अमीर को और अमीर तथा गरीब को और गरीब बना देती हैं।
 
* वह व्यक्ति जिसे वो सब मिल जाता है जो वो चाहता था, वह हमेशा शांति और व्यवस्था के पक्ष में होता है।
 
* लोकतंत्र अच्छा है, मैं ऐसा इसलिए कहता हूं क्योंकि अन्य प्रणालियां इससे बदतर हैं।

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