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विश्व कविता दिवस : विद्वानों की नज़र में कविता क्या है?

Updated: शनिवार, 18 मार्च 2023 (16:35 IST)
21 मार्च को विश्व कविता दिवस मनाया जा रहा है। कविताएं कल्पना, विचारों तथा शब्दों के बेहतरीन तालमेल से बनती है तथा कविता हर‍ किसी को पसंद भी आती है। कविता भावों की वो श्रृंखला है जो मन से मन को जोड़ने का कार्य करती है।

आइए विश्व कविता दिवस पर जानते हैं विद्वानों की नजर में कविता क्या कहलाती हैं- 
 
1. बहुत अधिक प्रसन्नता या गहरे दर्द से आती है कविता -ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
 
2. मनुष्य की सर्वोच्चतम अभिव्यक्ति का नाम कविता है -हजारी प्रसाद द्विवेदी
 
3. एक काव्यकार तब तक अपनी कलम नहीं चलाता, जब तक स्याही प्रेम की आहों में सराबोर नहीं हो जाती -शेक्सपियर
 
4. काव्य वो गहरी सुरंग है, जिसके अंदर व्यक्ति एक संसार का त्याग कर दूसरे संसार में प्रवेश करता है -रामधारी सिंह दिनकर
 
5. कविता सभी ज्ञान का आदि व अंत है, यह उतना प्राचीन और अमर है जितनी की आत्मा -वुड्सवर्थ
 
6. कविता इस प्रकृति का सौंदर्य है -पुरुषोत्तम दास दंडन
 
7. काव्य स्वाभाविक गुण है, इसे अभ्यास द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता -महावीर प्रसाद द्विवेदी
 
8. काव्य अनंत पुण्य का प्रतिफल हैं -जयशंकर प्रसाद
 
9. कविता इतिहास से बढ़कर सत्य के अधिक निकट होती है -प्लेटो
 
10. काव्य शब्द नहीं शांति है, कोलाहल नहीं मौन है -रामधारी सिंह दिनकर

11. कविता देवलोक के मधुर संगीत की गूंज है -अज्ञात। 

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