ramcharitmanas

Ozone Day 2021 : ओजोन परत संरक्षण दिवस क्‍यों मनाया जाता है?

Updated: गुरुवार, 16 सितम्बर 2021 (11:15 IST)
16 सितंबर को हर साल पूरी दुनिया में ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाया जाता है। ओजोन परत का बहुत महत्‍व है। ओजोन लेयर धरती के वायुमंडल की एक परत है। जो सूरज से सीधे आने वाली किरणों को रोकती है। सूरज की किरणों से सबसे अधिक कैंसर का खतरा रहता है। इससे स्किन कैंसर भी हो सकता है। वहीं ओजोन परत सूरज की किरणों को एक प्रकार से छनकर धरती पर पहुंचती है। आइए जानते हैं इस दिवस को मनाने का महत्‍व - 
 
ओजोन दिवस की शुरूआत - 
 
संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा द्वारा 19 दिसंबर 1994 को 16 सितंबर को ओजोन दिवस घोषित किया था। ओजोन परत की सरंक्षण के लिए यह कदम उठाना बहुत जरूरी था।  इस दिन को मनाने का उद्देश्‍य लोगों को इसके ओजोन संरक्षण के लिए जागरूक करना है। 16 सितंबर 1987 को संयुक्‍त राष्‍ट्र और करीब 45 अन्‍य देशों ने मिलकर एक मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्‍ताक्षर किए थे। ताकि ओजोन परत को खत्‍म होने से बचाया जा सकें। इस दिवस को मनाने का उद्देश्‍य है उन पदार्थों का प्रयोग कम करना या उत्‍पादन कम करना जिससे ओजोन परत को नुकसान पहुंचे। 16 सितंबर 1995 को पहली बार समूचे विश्‍व में विश्‍व ओजोन दिवस मनाया गया। 
 
ओजोन लेयर को बचाने के तरीके 
 
- ऐसे प्रोडक्‍ट, प्‍लास्टिक कंटेनर, एयरोसोल या स्‍प्रे जिसमें क्लोरोफ्लोरोकार्बन  हो उनका इस्‍तेमाल बहुत अधिक नहीं करना चाहिए। 
- पर्यावरण के अनुकूल उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। 
- वाहनों से अधिक धुंआ निकलना ओजोन परत को खत्‍म करने का सबसे बड़ा कारण है।
- प्‍लास्टिक, टायर, रबर को नहीं जलाना चाहिए।
- साथ ही अधिक से अधिक पेड़ लगाने से ऑक्‍सीजन का निर्माण होगा और  ओजोन अणु निर्मित हो सकेंगे।  
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

अगला लेख