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बांदीपुर नेशनल पार्क कर्नाटक, घने जंगल और वन्यजीवों की भरमार

Updated: शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021 (11:54 IST)
भारत के जंगलों में शानदार हाथी की चिंघाड़, मोर का नाच, ऊंट की सैर, शेरों की दहाड़, लाखों पक्षियों की चहचहाहट सुनने और देखने को मिलेगी। भारत में जंगली जीवों की बहुत बड़ी संख्या है। यहां जंगली जीवों को देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। भारत में 70 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और 500 से अधिक जंगली जीवों के अभयारण्य हैं इसके अतिरिक्त पक्षी अभयारण्य भी हैं। आओ इस बार जानते हैं कर्नाटक बेंगलुरु के बांदीपुर नेशनल पार्क के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
 
 
बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान : 
1. बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित है। 
 
2. एक समय यह मैसूर राज्य के महाराजा की निजी आरक्षित शिकारगाह थी। उन्होंने यहां के कई शेर और चीतों का शिकार करने उनके अस्तित्व को मुश्‍किल में डाल दिया।
 
3. सन् 1931 में मैसूर राज्य के महाराजा ने इस अभयारण्य को वेणुगोपाल वन्यजीव पार्क नाम दिया था। उस वक्त यह करीब 90 वर्ग किलोमीटर में फैला था। सन् 1973 में इसे प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत लिया गया और इसका क्षेत्रफल लगभग 800 वर्ग किलोमीटर बढ़ाकर इसे बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।
 
4. इस अभयारण्य में बाघ, तेंदुआ, हाथी, गौर, भालू, ढोल, सांबर, चीतल, काकड़, भारतीय चित्त‍ीदार मूषक, मृग तथा लोरिस पाए जाते हैं। उनके अलावा मृग हिरण, स्लॉथ बीयर, गौर, मगरमच्छ, चीतल, जंगली सूअर, अजगर, ओस्प्रे, मृग, हाइना और भौंकने वाले हिरण भी पाये जाते हैं है। इसमें लगभग 70 बाघ और 3000 से अधिक एशियाई हाथी हैं।
 
5. यहां पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियां निवास करती हैं। इस अभयारण्य को पशु-पक्षियों के प्रे‍मी के लिए स्वर्ग कहा जाता है। इस राष्ट्रीय उद्यान में हरे कबूतर, शहद की भूसी, हॉर्नबिल, ब्राउन हॉक उल्लू, नीलगिरि फ्लाईकैचर, थोड़ा मकड़ी का शिकारी, सादा फूलपेकर, मालाबार ट्रोगन, ग्रे हेडेड फिश ईगल, रेड हेडेड गिद्ध और अन्य पक्षी हैं। 
 
6. इस राष्ट्रीय उद्यान में आने के लिए मैसूर से होकर चामराजनगर जाना पड़ता है। बांदीपुर नेशनल पार्क, मैसूर से 80 किमी की दूरी और ऊटी से 70 किमी और बेंगलुरु ससे 215 किमी दूरी पर स्थित है। यह कर्नाटक के चमारजनगर जिले में स्थित है। 
 
7. यहां सागौन बहुतायत में पाया जाता है। इसके अलावा इस क्षेत्र में चंदन के पेड़, बांस, ओडिना वोडियर, शीशम, भारतीय किनो वृक्ष (औषधीय वृक्ष), हल्दीना या कदम के पेड़ और कई अन्य पर्णपाती पेड़ जैसे अन्य पौधे हैं।
 
8. यहां किंग कोबरा, योजक, मेंढक, पेड़ मेंढक, पानी सांप, कोबरा, छिपकली, गिरगिट, पेड़ मेंढक, कछुआ और अन्य जैसे सरीसृप भी पाए जाते हैं।
 
9. पर्यटक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उद्यान की यात्रा कर सकते हैं। 
 
10. यदि आप ऊटी की यात्रा पर निकले हैं तो बांदीपुर नेशनल पार्क की यात्रा ऊटी पैकेजों में शामिल होनी चाहिए।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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