Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

2019 में 11 तूफानों ने भारत में मचाई तबाही, टूटा 125 साल का रिकॉर्ड

रविवार, 22 दिसंबर 2019 (12:13 IST)
नई दिल्ली। हिंद महासागर में इस साल चक्रवाती गतिविधियों की अधिकता के कारण भारत के तटीय क्षेत्रों में बंगाल की खाड़ी से लेकर अंडमान सागर तक 11 चक्रवाती तूफानों की दस्तक ने 125 का रिकार्ड तोड़ दिया है।
 
मौसम की चरम गतिविधियों (एक्सट्रीम एक्टिविटीस) से संबंधित मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर के पहले सप्ताह में चक्रवाती तूफान ‘पवन’ की दस्तक के साथ 2019 में हिंद महासागर में आए चक्रवाती तूफानों की संख्या 11 हो गई जो कि 1893 के बाद सर्वाधिक है। उल्लेखनीय है कि ‘पवन’, 7 दिसंबर को सोमालिया तट से गुजरने के बाद कमजोर पड़ गया था।
 
चक्रवाती विक्षोभ (साइक्लोनिक डिस्टर्बेंस) की सक्रियता को दर्शाने वाली विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल आए 11 चक्रवाती तूफानों में अरब सागर से 5 और बंगाल की खाड़ी से 3 तूफान उठे। इनमें से 6 तूफानों की तीव्रता को गंभीर श्रेणी में रखा गया। एक के बाद एक आए लगातार 11 तूफानों ने मौसम विज्ञानियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
 
मौसम वैज्ञानिक डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार चक्रवाती तूफानों की तीव्रता और आवृत्ति में इज़ाफा भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम चक्र को प्रभावित करने का स्पष्ट इशारा है। इसके जलवायु परिवर्तन से संबंध के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत अध्ययन के बाद ही इसके दूरगामी परिणाम और प्रभाव के बारे में कुछ कहा जा सकता है।
 
उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्रों से उठने वाले चक्रवाती तूफानों का शुरुआती प्रभाव, असमय बारिश के रूप में दिखता है, जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ता है। समुद्री क्षेत्र से स्थल भाग की ओर बढ़ते हुये चक्रवाती तूफान तटीय क्षेत्रों में हवा के कम दबाव का क्षेत्र पैदा कर बारिश की वजह बनते हैं।
 
रिपोर्ट के अनुसार इसके पहले हिंद महासागर में सर्वाधिक दस चक्रवाती तूफान 1893 के अलावा 1926, 1930 और 1976 में आये थे। वहीं अरब सागर में 1902 में आये पांच चक्रवाती तूफानों में चार की तीव्रता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई थी। इस लिहाज से अरब सागर इस साल सात चक्रवाती विक्षोभों (साइक्लोनिक डिस्टर्बेंस) का केन्द्र बनने के साथ तुलनात्मक रूप से ज्यादा सक्रिय रहा। इनमें से पांच विक्षोभ ने चक्रवाती तूफान में तब्दील होकर ‘गंभीर’ श्रेणी में अपनी मौजूदगी दर्ज की।
 
वहीं, बंगाल की खाड़ी से इस साल 3 चक्रवाती तूफान (पाबुक, फानी और बुलबुल) उठे। हिंद महासागर क्षेत्र में इस साल उठे अन्य चक्रवाती तूफानों में ‘वायु’ ने जून और ‘हिक्का’ ने सितंबर में दस्तक दी जबकि नवंबर में अरब सागर से ‘महा’ और बंगाल की खाड़ी से ‘बुलबुल’ ने एक साथ अपना असर दिखाया था। इनमें ‘महा’ की तीव्रता को अति गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया जबकि अक्टूबर में आया ‘क्यार’ ‘सुपर साइक्लोनिक स्ट्रॉम’ साबित हुआ।

Show comments

डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार

अमित शाह के दौरे से पहले कोलकाता में बवाल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का चबूतरा तोड़ा, मामले पर क्‍या बोली भाजपा?

ममता बनर्जी ने संभाली TMC की कमान, बागी नेताओं को दी चुनौती, बोलीं- मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा...

उन्हें पता है बॉस कौन है, नेतन्याहू पर ट्रंप का बड़ा बयान, व्हाइट हाउस में जल्द हो सकती है मुलाकात

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को मिली धमकी, आरोपी के IP एड्रेस की हुई पहचान, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

सभी देखें

अयोध्‍या चढ़ावा विवाद को लेकर सोमवार को होगी ट्रस्‍ट की बैठक, ट्रस्टी चंपत राय समेत कई अहम मुद्दों पर होगा फैसला

योगी सरकार की निःशुल्क IAS-PCS आवासीय कोचिंग योजना का बढ़ा क्रेज

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए योगी सरकार ने दी 210 करोड़ की सब्सिडी, 43 हजार से अधिक लोगों को मिला लाभ

अमित शाह के दौरे से पहले कोलकाता में बवाल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा का चबूतरा तोड़ा, मामले पर क्‍या बोली भाजपा?

गाजियाबाद में चलती कार में 'क्लिनिक', अवैध भ्रूण लिंग जांच का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

अगला लेख