0

सफला एकादशी 2021 : जानिए Saphala Ekadashi का महत्व, पूजन विधि एवं शुभ मुहूर्त

शुक्रवार,जनवरी 8, 2021
0
1
वर्ष 2021 में शनिवार, 9 जनवरी को साल की पहली सफला एकादशी है। इसकी कथा के संबंध में महाराज युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्रीकृष्ण ने जो कथा सुनाई थी, वो यहां आपके लिए प्रस्तुत हैं। आइए पढ़ें...
1
2
माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। पौष में सफला एवं पुत्रदा एकादशी आती ...
2
3
वर्ष 2021 में 9 जनवरी, शनिवार को साल का पहला एकादशी व्रत आ रहा है। इस दिन सफला एकादशी मनाई जाएगी। इस साल 2021 में कुल 25 एकादशी व्रत पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं वर्ष 2021 में आने वाली संपूर्ण एकादशी का नाम एवं तारीखें...
3
4
इस वर्ष 25 दिसंबर 2020, शुक्रवार को मोक्षदा एकादशी मनाई जा रही है। मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष को आने वाली एकादशी मनुष्य को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त कराती है। इस व्रत को धारण करने वाला मनुष्य जीवन भर सुख भोगता है और अपने समय में निश्चित ही ...
4
4
5
शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020 को मोक्षदा एकादशी है। इसे वैकुंठ एकादशी भी कहते हैं। हिंदू धर्म में यह एकादशी व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह साल की अंतिम एकादशी है। आइए यहां पढ़ें मोक्षदा एकादशी की कथा...
5
6
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष में उत्पन्ना एवं शुक्‍लपक्ष में मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। 25 दिसंबर 2020 को मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। जैसा कि इसके नाम से ही विदित है कि यह एकादशी का व्रत रखने का क्या फायदा है परंतु ...
6
7
अगहन/मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2020 में यह एकादशी 11 दिसंबर, शुक्रवार को मनाई जा रही है। इस व्रत को वैतरणी एकादशी भी कहते हैं,
7
8
हिंदू धर्म में उत्पन्ना एकादशी का बड़ा महत्व है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहते हैं। वर्ष 2020 में यह एकादशी 11 दिसंबर, शुक्रवार को मनाई जा रही है।
8
8
9
भारतीय धर्म संस्कृति में मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी का बहुत महत्व माना गया है। एकादशी का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस वर्ष 11 दिसंबर 2020, शुक्रवार को उत्पन्ना एकादशी व्रत मनाया जा रहा है।
9
10
हिन्दू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहते हैं। उत्पन्ना एकादशी व्रत 11 दिसंबर को रखा जाएगा। हिन्दू धर्म में उत्पन्ना एकादशी व्रत का बड़ा महत्व है। व्रत संकल्प करने का मुहूर्त सबुह 5 बजकर 15 मिनट से सुबह 6 बजकर ...
10
11
भगवान विष्णु के वरदान से राजा दंभ के यहां एक पुत्र में जन्म लिया। इस पुत्र का नाम शंखचूड़ रखा गया। बड़ा होकर शंखचूड़ ने ब्रह्मा जी को प्रसन्न करने के लिए पुष्कर में घोर तपस्या की।
11
12
आज 25 नवंबर 2020 दिन बुधवार को देवउठनी एकादशी है। इसे देवोत्थान प्रबोधनी भी कहा जाता है।
12
13
भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी सत्यभामा को अपने रूप पर बड़ा गर्व था। वे सोचती थीं कि रूपवती होने के कारण ही श्रीकृष्ण उनसे अधिक स्नेह रखते हैं। पढ़ें कथा..
13
14
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इसे हरि प्रबोधिनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन तुलसी का शालिग्राम के साथ विवाह करने की परंपरा भी प्रचलित है। आओ जानते हैं शालिग्राम का क्या है महत्व।
14
15
आज 25 नवंबर 2020 कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इस दिन को देवउठनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी, देव प्रबोधिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शालिग्राम जी के साथ तुलसी विवाह संपन्न किया जाता है।
15
16
बुधवार, 25 नवंबर 2020 को देव प्रबोधिनी/देवउठनी एकादशी मनाई जा रही है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह एकादशी बहुत अधिक महत्व की मानी गई है। आइए जानें इस एकादशी की पौराणिक गाथा-
16
17
देवउठनी ग्यारस / एकादशी पर तुलसी विवाह और विष्णु पूजन का विशेष महत्व है। आइए जानें कैसे करें तुलसी पूजन, पढ़ें विशेष मंत्र :
17
18
25 नवम्बर 2020 को देवप्रबोधिनी एकादशी है। जिसे देवउठनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं।
18
19
देवउठनी एकादशी अत्यंत पवित्र तिथि है। इस दिन तन-मन-धन की पवित्रता को बनाए रखने के पूरे प्रयास करना चाहिए। यह तिथि इतनी शुभ है कि मन, कर्म और वचन की थोड़ी सी अशुद्धि भी आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कौन से 11 काम हैं, जो एकादशी ...
19