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निर्जला एकादशी 2022 में कब है? क्या है पौराणिक कथा, कैसे करें पूजन, जानिए विधि

बुधवार,मई 18, 2022
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Apara Ekadashi 2022: वर्ष 2022 में 26 मई, दिन गुरुवार को अपरा या अचला एकादशी मनाई जाएगी। अपरा एकादशी को जलक्रीड़ा एकादशी, भद्रकाली तथा अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।यह एकादशी हर तरह के पापों को मिटाने में सक्षम मानी गई है।
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Mohini Ekadashi 2022 इस वर्ष 12 मई 2022 को मोहिनी एकादशी मनाई जा रही है। यहां पढ़ें इस एकादशी से संबंधित खास जानकारी... Mohini Ekadashi Worship
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Mohini Ekadashi 2022 : 12 मई 2022 गुरुवार को वैशाख शुक्ल की एकादशी यानी मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। गुरुवार को एकादशी का आना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन फाल्गुन नक्षत्र और हर्षण योग में यह व्रत रखा जाएगा। आओ जानते हैं 5 खास उपाय।
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi 2022) की कथा महर्षि वशिष्ठ ने प्रभु श्री रामचंद्र जी से कही थी। धार्मिक ग्रंथों में मोहिनी एकादशी की तिथि अत्यंत शुद्ध तथा पवित्र मानी गई है।
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Mohini Ekadashi 2022 इस वर्ष 12 मई 2022 को मोहिनी एकादशी मनाई जा रही है। मोहिनी अवतार की पौराणिक कथा (Mohini Katha) के अनुसार जब समुद्र मंथन से निकला अमृत कलश दैत्य एक दूसरे के हाथों से छीन रहे थे, Mohini Avtar ki Katha
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Mohini Ekadashi 2022 : प्रतिवर्ष वैशाख शुक्र की एकादशी को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस बार अंग्रेजी माह के अनुसार 12 मई 2022 गुरुवार को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। आओ जानते हैं कि इस दिन क्या करें और क्या नहीं।
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वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की यह एकादशी सब पापों को नष्ट करने वाली, सौभाग्य तथा अंत में मोक्ष देने वाली मानी जाती है। यदि कोई अभागिनी स्त्री इस व्रत को करें तो उसको सौभाग्य मिलता है। यह एकादशी 10000 वर्ष तक तप करने के बराबर फल देती है। यहां पढ़ें पूजन ...
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Varuthini ekadashi 2022 date: वरुथिनी एकादशी का व्रत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह व्रत 26 अप्रैल मंगलवार 2022 को रखा जाएगा। आओ जानते हैं कि इस दिन क्या दान करना चाहिए।
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वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi 2022) लोक-परलोक में सौभाग्य देने वाली मानी गई है। इस वर्ष यह एकादशी 26 अप्रैल 2022, मंगलवार को मनाई जा रही है।
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एकादशी की आरती। एकादशी माता की आरती...इस आरती में सभी एकादशियों के नाम शामिल है। ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता ।। ॐ।।
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माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं।
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पूर्णिमा के बाद की एकादशी कृष्ण पक्ष की एकादशी कही जाती है, वहीं अमावस्या के बाद आने वाली एकादशी को शुक्ल पक्ष की एकादशी कही जाती है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक एकादशी को 'हरि वासर' का भी नाम दिया गया है। आइए जानते हैं कि साल 2022 में एकादशी ...
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इस वर्ष 12 अप्रैल को कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi 2022) मनाई जा रही है। इसी दिन मंगलवार होने के कारण दोनों का शुभ संयोग बन रहा है। आज श्री हरि विष्‍णु के साथ-साथ बजरंगबली (Bajrangbali Worship) की पूजा करना अतिलाभदायी सिद्ध होगा।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi 2022) कहा जाता है। इस एकादशी व्रत से सभी तरह के पाप नष्ट होते हैं... Kamada ekadashi date, time, muhurat 2022
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Kamada Ekadashi 2022: इस बार 12 अप्रैल 2022 को हिन्दू नववर्ष की पहली एकादशी यानी कामदा एकादशी मनाई जा रही है। यह एकादशी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। आइए जानते हैं कामदा एकादशी की व्रत कथा-Kamada Ekadashi Vrat Katha
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आज पापमोचिनी एकादशी (papmochani ekadashi 2022) है। शास्त्रों के अनुसार हमें इस दिन कई कार्य करने की मनाही बताई गई है। आइए यहां जानते हैं कि एकादशी के दिन कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए तथा कौन-से कार्य किए जा सकते हैं...
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पापमोचनी एकादशी के महात्म्य के श्रवण व पठन से समस्त पाप नाश को प्राप्त हो जाते हैं। एक समय देवर्षि नारदजी ने जगत् पिता ब्रह्माजी से कहा महाराज! आप मुझसे चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी विधान कहिए।
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धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचिनी एकादशी (Papmochani Ekadashi 2022) कहा जाता है। पापमोचिनी एकादशी होली और नवरात्रि के मध्य आती है और इस बार पापमोचिनी एकादशी 28 मार्च, 2022 को मनाई जा रही है।
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एकादशी व्रत (ekadashi vrat) सभी महीनों के शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों में किया जाता है। चैत्र कृष्ण एकादशी को पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी सभी तरह के पापों से मुक्ति दिलाती है।
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