गुरुवार, 9 अप्रैल 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Follow us
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
अन्य खेल
US-Iran war
धर्म-संसार
एकादशी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
अन्य खेल
US-Iran war
धर्म-संसार
एकादशी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
×
Close
धर्म-संसार
व्रत-त्योहार
एकादशी
Today yogini ekadashi
Written By
सम्बंधित जानकारी
24 जून को योगिनी एकादशी, लक्ष्मी-नारायण और सर्वार्थसिद्धि योग में मां लक्ष्मी के साथ शुक्र ग्रह की पूजा भी करें
योगिनी एकादशी 2022 : शुभ मुहूर्त, व्रत-कथा, पूजा विधि, उपाय, मंत्र और महत्व
कब सो रहे हैं देव, देवशयनी एकादशी के बाद चार माह तक कौनसे कार्य नहीं करते हैं?
योगिनी एकादशी कब है, देती है समस्त पापों से मुक्ति, पढ़ें पौराणिक व्रत कथा
योगिनी एकादशी 2022: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व, कथा और मंत्र
योगिनी एकादशी आज: इस एकादशी में क्या है खास, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और मंत्र सहित सभी जानकारी
ALSO READ:
24 जून को योगिनी एकादशी, लक्ष्मी-नारायण और सर्वार्थसिद्धि योग में मां लक्ष्मी के साथ शुक्र ग्रह की पूजा भी करें
ALSO READ:
योगिनी एकादशी: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व, कथा और मंत्र
ALSO READ:
योगिनी एकादशी कब है, देती है समस्त पापों से मुक्ति, पढ़ें पौराणिक व्रत कथा
ALSO READ:
योगिनी एकादशी 2022 : शुभ मुहूर्त, व्रत-कथा, पूजा विधि, उपाय, मंत्र और महत्व
ALSO READ:
योगिनी एकादशी व्रत के 7 चमत्कारिक फायदे
ALSO READ:
एकादशी माता की आरती : इस आरती में आते हैं सालभर की 24 एकादशी के नाम
ALSO READ:
26 एकादशी और 26 फायदे, व्रत करेंगे तो जीवनभर सुखी व धनवान बने रहेंगे
ALSO READ:
साल 2022 में कब-कब आएगी एकादशी, जानिए यहां पूरी सूची List of Ekadashi 2022
Ekadashi 2022
हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
ये भी पढ़ें
मंगल का मेष में गोचर : 4 राशियों पर बरसेगा धन, 5 राशियों का उदास होगा मन, 3 का अस्वस्थ रहेगा तन
वेबदुनिया पर पढ़ें :
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
ज़रूर पढ़ें
वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व
Lord Vishnu Puja in Vaishakh: हिंदू धर्म में वैशाख का महीना आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है। इस महीने में मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। यहां इस महीने की महत्ता और पूजनीय देवताओं के बारे में विस्तार से बताया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर 2.0: क्या फिर से होने वाला है भारत और पाकिस्तान का युद्ध, क्या कहता है ज्योतिष
Indo-Pak War: हाल के दिनों में पाकिस्तान की ओर से कुछ कड़े और चेतावनी भरे बयान सामने आए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में पाक संसद में दावा किया कि भारत "एक और युद्ध की तैयारी" कर रहा है। उन्होंने भारत को चेतावनी दी है कि यदि भारत ने दोबारा कोई सैन्य कार्रवाई की, तो पाकिस्तान का जवाब पहले से कहीं अधिक "शक्तिशाली और कठोर" होगा। हालांकि ज्योतिष इस संबध में क्या कहते हैं, चलिए जानते हैं।
महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी
महायुद्ध के बढ़ते संकेतों के बीच क्या सच में बदल सकता है दुनिया का भूगोल? जानिए ज्योतिष के अनुसार आने वाले समय के बड़े संकेत और किन बातों में बरतनी चाहिए सावधानी। 02 अप्रैल से 02 अगस्त का समय खराब।
अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त? जानिए इसका रहस्य
Akshaya Tritiya 2026, Abujh Muhurat: 20 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के दिन गृह प्रवेश कार्य करना, वाहन खरीदना, घर खरीदना, सोना खरीदना, विवाह करना आदि मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन अबूझ मुहूर्त रहता है। चलिए जानते हैं कि क्या होता है यह अबूझ मुहूर्त।
बैसाखी कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए खास 5 बातें
बैसाखी उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब और हरियाणा का प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक त्योहार है। यह पर्व कृषि, धर्म और ज्योतिषीय गणनाओं का एक अनूठा संगम है। वैसाखी एक प्राचीन कृषि उत्सव है, जिसे पंजाब क्षेत्र में सभी पंजाबियों द्वारा बिना किसी धार्मिक भेदभाव के मनाया जाता है। पंजाब के लोगों, विशेषकर सिखों के लिए, वैसाखी एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पर्व है। वैसाखी को हिन्दु सौर कैलेण्डर पर आधारित, सिख नव वर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। इस बार यह 14 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा।
धर्म संसार
09 April Birthday: आपको 9 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
09 April Happy Birthday: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 09 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी...
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 9 अप्रैल 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय
Today Panchang Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 09 अप्रैल...
Satuvai Amavasya 2026: सतुवाई अमावस्या 2026 कब है, जानें मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
Satuvai Amavasya rituals and timing: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहा जाता है। इसे दर्श तथा अन्वाधान अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन सत्तू का दान करने और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की विशेष परंपरा है, जिस कारण इसे यह नाम मिला है। वर्ष 2026 में सतुवाई अमावस्या की महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:
सूर्य मेष संक्रांति 2026: इस दिन क्या करें और किन कामों से बचें?
सूर्य जब मेष राशि में संक्रमण करता है तो उसे मेष संक्रांति कहते हैं। मीन राशि से मेष राशि में सूर्य का प्रवेश होता है। सूर्य की एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति का समय सौरमास कहलाता है। यह मास प्राय: तीस दिन का होता है। सूर्य एक राशि में 30 दिन तक रहता है। सौर माह का पहला माह है मेष। इस दिन कौनसे कार्य करें और कौनसे नहीं, जानिए।
मई-जून में शुरू होगा विनाशकारी खप्पर योग, पिछले साल इस योग में हुआ था भारत-पाक युद्ध
पिछले साल यानी वर्ष 2025 में 15 मार्च से 11 जून और इसके बाद 11 जुलाई से लेकर 7 अक्टूबर तक खप्पर योग बना था। सभी ने देखा है कि इसी दौरान ईरान-इजराल का युद्ध और फिर भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ था। इस वर्ष भी ऐसा ही योग 1 मई से 29 जून के बीच बन रहा है। इसी दौरान अधिकमास भी रहेगा और अन्य कई अशुभ योगों का निर्माण भी होगा।