Hanuman Chalisa

निर्जला एकादशी 2020 : पारण और पूजन के शुभ मुहूर्त

Updated: सोमवार, 1 जून 2020 (11:12 IST)
निर्जला एकादशी व्रत ज्येष्ठ शुक्ल की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है। इस बार यह तिथि 2 जून को पड़ रही है। इसे भीमसेन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। निर्जला एकादशी का व्रत बिना जल पीये रखा जाता है। व्रत के पूर्ण हो जाने के बाद ही जल ग्रहण करने का विधान है। व्रत करने वालों को जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
 
जो व्यक्ति सच्चे मन के साथ इस व्रत को करता है उसे समस्त एकादशी व्रत में मिलने वाला पुण्य प्राप्त होता है। वह सभी प्रकार के कष्टों से मुक्त हो जाता है। व्रत के साथ-साथ इस दिन दान कार्य भी किया जाता है। दान करने वाले व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है। कलश दान करना बेहद ही शुभ माना जाता है। इससे व्यक्ति को सुखी जीवन और दीर्घायु प्राप्त होती है। आइए जानिए पूजन और पारण के लिए शुभ समय कौन सा है....
 
पूजन और पारण  शुभ मुहूर्त
 
एकादशी तिथि प्रारंभ - दोपहर 02:57  (01 जून 2020)
 
एकादशी तिथि समाप्त - दोपहर 12:04 (02 जून 2020)
 
पारण मुहूर्त -सुबह 05:23 से 08:8 तक (03 जून 2020)

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि की बदली चाल, जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

Guru Gochar 2026: अश्लेषा नक्षत्र में गुरु का गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

Mangla Gauri Vrat 2026: तीसरा मंगला गौरी व्रत 2026: जानिए पूजन का महत्व, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि

Guru Gochar 2026: गुरु का बुध के अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, जानें 12 राशियों पर इसका प्रभाव

Kalki Jayanti 2026: कब है कल्कि जयंती? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भगवान विष्णु के कल्कि अवतार का महत्व

अगला लेख