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चातुर्मास : 4 माह के लिए योगनिद्रा में जाएंगे श्री हरि, शिवजी संभालेंगे सृष्टि

Updated: सोमवार, 4 जुलाई 2022 (15:28 IST)
Devshayani Ekadashi 2022 : आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को आषाढ़ी एकादशी कहते हैं। इसे देवशयनी एकादशी, हरिशयनी और पद्मनाभा एकादशी आदि नाम से भी जाना जाता है। अंग्रेजी माह के अनुसार इस साल देवशयनी एकादशी 10 जुलाई 2022 को आ रही है। कहते हैं कि श्रीहरि के योगनिद्रा में जाने के बाद शिवजी संसार का संचालन करते हैं।
 
 
श्रीहरि विष्णु की 4 माह की योगनिद्रा : सूर्य के दक्षिणायन होने के दौरान भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी के दिन से क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी दिन से चार माह का तप का समय प्रारंभ हो जाता है जिसे चातुर्मास कहते हैं। यह भी कहते हैं कि इस दौरान श्रीहरि विष्णु पाताल के राजा बलि के यहां चार माह निवास करते हैं। भगवान ने वामन रूप में बालि से तीन पग धरती मांग कर संपूर्ण धरती नाप दी थी। इसी के वरदान स्वरूप वे बलि का यहां शयन करते हैं।
 
शिवजी के हाथों में रहता है सृष्टि का संचालन : चार माह के लिए भगवान विष्णु में सो जाते हैं और इस दौरान भगवान शिव के हाथों में सृष्टि का संचालन रहता है। इस अवधि में भगवान शिव पृथ्वीलोक पर निवास करते हैं और चार मास तक संसार की गतिविधियों का संचालन करते हैं। शिव का माह श्रावण माह ही चातुर्मास का प्रथम माह है।

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