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Dussehra 2021 पर रावण दहन के सबसे अच्छे मुहूर्त कौन से हैं?

Updated: गुरुवार, 14 अक्टूबर 2021 (14:34 IST)
15 अक्टूबर 2021 को विजयादशी के दिन प्रत्येक जगह पर शाम के बाद रावण दहन होता है। इस दिन रावण के साथ-साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किए जानें की परंपरा है। आओ जानते है कि किस मुहूर्त या समय में रावण दहन किया जाए या रावण दहन का मुहूर्त ( Ravan Dahan Muhurat 2021 ) कितने बजे का है?
 
दिन के मुहूर्त : 
- सर्वार्थसिद्धि योग : प्रात: 06:21:33 से 09:16:50 तक रहेगा।
- शुभ समय- प्रात: 7:30 से 10:45, दोपहर 12:20 से 2:00 तक।
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक। इस मुहूर्त में की गई पूजा से सभी ओर जीत मिलती है।
- विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 01 मिनट 53 सेकंड से दोपहर 2 बजकर 47 मिनट और 55 सेकंड तक।
- पूजा का मुहूर्त : 1 बजकर 15 मिनट 51 सेकंड से 3 बजकर 33 मिनट और 57 सेकंड तक तक। दशहरा पर्व अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को अपराह्न काल में दशहरा पूजा की जाती है। यह समय सूर्योदय के बाद दसवें मुहूर्त से लेकर बारहवें मुहूर्त तक रहता है।
राहु काल- प्रात: 10:30 से 12:00 बजे तक रहेगा।
 
शाम के बाद के रावण दहन मुहूर्त : रावण दहन का शुभ समय 7 बजकर 26 मिनट से 9 बजकर 22 मिनट तक उत्तम है। विशेष बात ये है कि इस दिन मकर राशि में तीन ग्रहों की युति बन रही है। इस दिन गुरु, शनि और चंद्रमा एक साथ मकर राशि में रहेंगे।
 
चौघड़िया देखकर भी रावण दहन किया जा सकता है:-
दिन का चौघड़िया :
- लाभ : प्रात: 07:53 से 09:20 तक।
- अमृत (वार वेला) : प्रात: 09:20 से 10:46 तक।
- शुभ : दोपहर 12:12 से 13:38 तक।
 
रात का चौघड़िया :
- लाभ (काल रात्रि) : 21:05 से 22:39 तक।
- शुभ : 00:12 से 01:46 तक।
- अमृत : रात्रि 01:46 से 03:20 तक।
 
नोट : स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि-मुहूर्त के समय घट-बढ़ होती है।

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