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Expert Advice : कोविड से ठीक हो रहे हैं लेकिन घेर रही हैं ये बड़ी बीमारियां

Updated: मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021 (12:13 IST)
कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद कई सारी गंभीर बीमारियां है जो लोगों को घेर रही है। कोविड-19 से पूरी तरह स्वस्थ्य होने के बाद लोगों में अलग - अलग लक्षण और दवाओं के साइड इफेक्ट्स नज़र आ रहे हैं। जो गंभीर रूप से जिंदगी और मौत के बीच की जंग बन रही है। क्या सावधानियां बरत कर भिन्न - भिन्न बीमारियों से बचा जा सकता है, अगर स्टेरॉयड के इस्तेमाल से जीवन घातक बीमारियां  हो रही है तो कैसे बचें? इसे लेकर वेबदुनिया ने  डॉ रवि दोसी से बातचीत की -  

कोविड-19 से ठीक होने के बाद अलग- अलग बीमारियां होने के क्या कारण है?
 
एक सबसे बड़ा कारण यह है कि जब कोविड-19 बीमारी हो रही थी तब लोग पुराने ट्रीटमेंट के भरोसे ही अपना इलाज कर रहे थे। जिन्हें पता था वे लोग बाहर जाने से बचते रहे।
 
लेकिन कोविड से ठीक होने के 20,30 दिन या 1 महीने बाद अलग - अलग साइड इफैक्ट्स नजर आ रहे हैं?
हां, स्टेरॉयड की वजह से अलग -अलग बीमारियां सामने आ रही है। लेकिन लंबे वक्त 1 महीने तक स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते रहने से साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं। कोविड -19 से ठीक होने के दौरान 7 या 10 दिन तक ही स्टेरॉयड दिया जाता है। इससे ज्यादा नहीं।
 
अलग - अलग फंगल इंफेक्शन, एवैस्कुलर, नेक्रोसिस, साइटोमेगालोवायरस, साइटोकाइन, ब्लड क्लॉटिंग, हैप्पी हाइपोक्सिया....जैसी बीमारी सामने आ रही है
 
एवैस्कुलर नेक्रोसिस और फंगल इंफेक्षन को छोड़कर अन्य बीमारियां कोविड-19 की वजह से हो रही है। जिसका इलाज संभव है।
 
कोविड -19 से ठीक होने के बाद जीवन घातक बीमारियां हो रही है मरीजों को किस तरह ध्यान रखना जरूरी है?

एक बात यह जानना बेहद जरूरी है कि बॉडी में कोविड-19 की वजह से कई सारे बदलाव हो रहे हैं जिस वजह से यह बीमारियां घेर रही है। कोविड से ठीक होने के बाद भी लगातार डाॅ के संपर्क में बने रहें। लेकिन देखा जाए तो सिर्फ 10 में से 5 लोग ऐसा करते हैं। लोग बीमारी से ठीक होने के बाद 
डाॅक्टर से संपर्क नहीं करते हैं जो एक सबसे बड़ा कारण है।
 
कोविड के इलाज में स्टेरॉयड दिए गए है तो बाद में क्या सावधानियां बरते?
 
लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहें। छोटे से छोटे लक्षणों को भी तवज्जो दें। और फॉलो अप लेते रहें।
 
कोविड-19 के बाद डायबिटीज और बीपी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।
 
कोविड-19 सीधे तौर पर ष्षुगर के कंट्रोल को बिगाड़ता है। निष्चितता से कह सकते हैं कि स्टेराॅयड से ष्षुगर पर प्रभाव पड़ा है। साथ ही  हाइपरटेंशन  इसलिए बढ़ रहा है कि ष्षारिरीक और मानसिक तनाव लोगों में बहुत बड़ा है। 
 
डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है अगर सही इलाज और सही तरह से इंसुलिन लिया जाए।
 
हाइपरटेंशन को कम करने के उपाय
-मानसिक तनाव कम करें।
- खाने में सोडियम की मात्रा कम करें।
- नमक का परहेज करना।
 
  

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