Hanuman Chalisa

भाई दूज पर श्रीकृष्ण गए थे सुभद्रा के यहां

Updated: रविवार, 15 नवंबर 2020 (16:32 IST)
कार्तिक मास की शुक्ल द्वितीया को भाई दूज और यम द्वितीया कहते हैं। यह दीपावली के पांच दिन पर्व का समापन दिवस होता है। मान्यता है कि इस दिन यमुना ने अपने भाई भगवान यमराज को अपने घर आमंत्रित करके उन्हें तिलक लगाकर अपने हाथ से स्वादिष्ट भोजन कराया था। जिससे यमराज बहुत प्रसन्न हुए थे और उन्होंने यमुना को मृत्यु के भय से मुक्त होकर अखंड सौभाग्यवती बने रहने का वरदान दिया था।


कहते हैं कि इस दिन जो भाई-बहन इस रस्म को निभाकर यमुनाजी में स्नान करते हैं, उनको यमराजजी यमलोक की यातना नहीं देते हैं। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना का पूजन किया जाता है। इस दिन की कथा श्रीकृष्‍ण की बहन सुभद्रा से भी जुड़ी हुई है।
 
कहा जाता है कि नरकासुर का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण अपनी बहन सुभद्रा से मिलने इसी दिन उनके घर पहुंचे थे। सुभद्रा ने उनका स्वागत करके अपने हाथों से उन्हें भोजन कराकर तिलक लगाया था।
 
श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा का उल्लेख हमें श्रीमद्भागवत पुराण और महाभारत में मिलता है। सुभद्रा श्रीकृष्ण और बलराम की बहन थी। पुरी, उड़ीसा में 'जगन्नाथ की यात्रा' में बलराम तथा सुभद्रा दोनों की मूर्तियां भगवान श्रीकृष्ण के साथ-साथ ही रहती हैं।
 
सुभद्रा की तीन बहनें थी। पहली एकानंगा (यह यशोदा की पुत्री थीं), दूसरी योगमाया (देवकी के गर्भ से सती ने महामाया के रूप में इनके घर जन्म लिया, जो कंस के पटकने पर हाथ से छूट गई थी। कहते हैं, विन्ध्याचल में इसी देवी का निवास है। यह भी कृष्ण की बहन थीं। इसके अलावा चूंकि श्रीकृष्ण द्रौपदी को भी अपनी बहन मानते थे तो वह भी उनकी बहन हुई।
 
सुभद्रा वसुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी की पुत्री थीं, जबकि वसुदेकी की दूसरी पत्नी देवकी के पुत्र श्रीकृष्ण थे। इस तरह श्रीकृष्ण और सुभद्रा के पिता एक ही थे परंतु माताएं अलग अलग थी। बलराम की माता भी रोहिणी थी।
 
सुभद्रा का विवाह कृष्ण ने अपनी बुआ कुंती के पुत्र अर्जुन से किया था, जबकि बलराम चाहते थे कि सुभद्रा का विवाह कौरव कुल में हो। बलराम के हठ के चलते ही तो कृष्ण ने सुभद्रा का अर्जुन के हाथों हरण करवा दिया था। बाद में द्वारका में सुभद्रा के साथ अर्जुन का विवाह विधिपूर्वक संपन्न हुआ। सुभद्रा से विवाह के बाद अजुन एक वर्ष तक द्वारका में रहे और शेष समय पुष्कर क्षेत्र में व्यतीत किया। 12 वर्ष पूरे होने पर वे सुभद्रा के साथ इंदप्रस्थ लौट आए।
 
सुभद्रा का पुत्र अभिमन्यु था जिसकी महाभारत के युद्ध में चक्रव्यूह फंसने के कारण दुर्योधन, कर्ण सहित कुल सात आठ लोगों ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी थी। अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा थी जिसके गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ और परीक्षित का पुत्र जनमेजय था।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

हरतालिका तीज का व्रत नहीं रख पा रहीं तो न हों परेशान, करें ये 3 काम और पाएं माता पार्वती का आशीर्वाद

शुक्र का स्वाति नक्षत्र में गोचर: 12 राशियों पर पड़ेगा बड़ा असर, जानें किसकी चमकेगी किस्मत

शनि-केतु का षडाष्टक योग: 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के नए रास्ते

07 September Birthday: आपको 07 सितंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (07 सितंबर, 2026)

अगला लेख