sundarkand
✕

रोड हिप्नोसिस क्या है?

Updated: गुरुवार, 2 जून 2022 (10:22 IST)
Road accident : किसी भी वाहन की ड्राइविंग करते समय की एक शारीरिक स्थिति है। सामान्यतः लगातार ढाई-तीन घंटे की ड्राइविंग के बाद रोड हिप्नोसिस प्रारम्भ होता है। ऐसी सम्मोहन की स्थिति में आंखें खुली होती हैं लेकिन दिमाग अक्रियाशील हो जाता है। अतः जो दिख रहा है उसका सही विश्लेषण नहीं हो पाता और नतीजतन सीधी टक्कर वाली दुर्घटना हो जाती है।
 
इस सम्मोहन की स्थिति में दुर्घटना के 15 मिनिट तक ड्राइवर को न तो सामने के वाहनों का आभास होता है और न ही अपनी स्पीड का। और जब 120-140 स्पीड से टक्कर होती है तो भयानक दुष्परिणाम सामने आते हैं।
 
उपरोक्त सम्मोहन की स्थिति से बचने के लिए हर ढाई-तीन घंटे ड्राइविंग के पश्चात रुकना चाहिए। चाय-कॉफी पियें, 5-10 मिनिट आराम करें और मन को शांत करें। ड्राइविंग के दौरान स्थान विशेष और आते कुछ वाहनों को याद करते चलें। अगर आप महसूस करें कि पिछले 15 मिनिट का आपको कुछ याद नहीं है तो इसका मतलब है कि आप खुदको और सहप्रवासियों को मौत के मुंह में ले जा रहे हो।
 
ये रोड सम्मोहन अचानक रात के समय होता है जब अन्य यात्री सो या ऊंघ रहे होते हैं। अतः बेहद गंभीर दुर्घटना हो सकती है। ड्राइवर को झपकी आ जाए या नींद आ जाए तो दुर्घटना को कोई नहीं रोक सकता लेकिन आंखें खुली हों तो दिमाग का क्रियाशील होना अतिआवश्यक है। ध्यान रखें, सुरक्षित रहें, सुरक्षित ड्राइविंग करें।
 
लेख सौजन्य : सड़क सुरक्षा अभियान-परिवहन विभाग

Show comments

सभी देखें

भारत में लड़कियों के लिए कब सुरक्षित होंगे शैक्षणिक परिसर?

तेल कंपनियों का मुनाफा फिर बंपर, देशों की हालत खस्ता

30 अरब डॉलर की टैरिफ कटौती पर सहमत हुए चीन और अमेरिका

चीन ने क्यों बढ़ाई टेक कंपनियों और टैलेंट की यात्रा पर सख्ती

क्या मुख्य चुनाव आयुक्त का फैसला अंतिम होता है?

सभी देखें

मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही पर लगाई रोक

हर्ष संघवी का बड़ा ऐलान: त्योहारों में GSRTC चलाएगा 1,600 अतिरिक्त एसटी बसें

डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

अगला लेख