ये 25 'महामानव' जिन्होंने बनाया भारत को

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर (1542-1605) : सिकंदर महान, अशोक महान, विक्रा‍मादित्य महान के बाद भारतीय सम्राट अकबर के नाम के बाद महान लगाया जाता है। अकबर और कृष्णदेव राय ने सम्राट अशोक के जीवन से सीख लेकर बहुत सारे कार्य किए। आशोक की तरह ही उन्होंने अपने दरबार में 9 रत्न रखे थे। अकबर के नवरत्नों में बिरबल और तानसेन के नाम प्रसिद्ध है। अकबर का शासनकाल 1556 से 1605 ई तक रहा। अकब तैमूर और चंगेज खां का वंशज था। वह तुर्की था।
 
अकबर ने एक नए धर्म की स्थापना की थी जिसे दिन-ए-इलाही कहा जाता है, लेकिन यह धर्म चला नहीं। अकबर के राज्य की सीमा में उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्से थे। अकबर को एक ओर जहां महाराणा प्रताप से चुनौती मिली तो दूसरी ओर गोंडवाना की रानी दुर्गावती से। अकबर अन्य राजपूत घरानों की विधवाओं की तरह दुर्गावती को भी रनवासे की शोभा बनाना चाहता था। लेकिन दुर्गावती ने युद्ध में उसकी सेना का डटकर मुकाबला किया और उसकी सेना को परास्त कर दिया था। महारानी ने 16 वर्ष तक राज संभाला। 
 
अकबर के शासन के दौरान बंगाल में पठान थे जो राजस्थान में राजपूत, मालवा में मांडू का सुल्तान था तो कश्मीर, सिंध, बलूचिस्तान सभी दिल्ली की सत्ता से मुक्त थे। हालांकि अकबर में कई अभियानों में इन सभी पर विजय प्राप्त कर ली थी। अकबर के बाद जहांगीर और जहांगीर के बाद शाहजहां और शाहजहां के बाद औरंगजेब ने मुगल सम्राज्य की बागडोर संभाली। 
 
मुगल राजवंशो की शुरुआत बाबर (1526-1530) से हुई। बाबार के बाद हुमायूं (1530-1540 और 1555-1556), हुमायूं के बाद शेर शाह सूरी (1540-1545), सूरी के बाद अकबर (1556-1605), अकबर के बाद जहांगीर, जहांगीर के बाद शाहजहां, शाहजहां के बाद औरंगजेब ने सत्ता संभाली। सभी में मिलकर भारत में मुस्लिम धर्म और साम्राज्य का विस्तार किया। 
 
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