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प्लाज्मा क्या है? कौन और कब कर सकता है डोनेट, प्‍लाज्‍मा के बारे में जानिए सबकुछ

Updated: शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021 (13:39 IST)
सुरभि‍ भटेवरा,

दुनियाभर में कोरोना की लहर तेजी से फैल रही है। वहीं भारत में कोरोना की दूसरी लहर पिछले साल और दूसरें देशों के रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर बेजोड़ कोशिश भी की जा रही है। वैक्सीनेशन अभियान भारत में तेजी से चलाया जा रहा है। इसी के साथ अलग - अलग पद्धति का प्रयोग भी किया जा रहा है ताकि इस बीमारी से लोगों की जान बचाई जा सकें। उन्हीं में से एक है प्लाज्मा थैरेपी।

संपूर्ण देश में जो कोविड पैशेंट्स ठीक हो गए हैं उनसे प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कहा जा रहा है। आखिर ये प्लाज्मा क्या है? कैसे इसे डोनेट किया जा सकता है? कौन इसे डोनेट कर सकता है और कौन नहीं? कब इसे डोनेट किया जा सकता है? आइए जानते हैं प्लाज्मा के बारे में सबकुछ -

प्लाज्‍मा क्या है?
प्लाज्मा खून में मौजूद तरल पदार्थ होता है। यह पीले रंग का होता है। इसकी मदद से सेल्स और प्रोटीन शरीर के विभिन्न अंगों में खून पहुंचाता है। शरीर में इसकी मात्रा 52 से 62 फीसदी तक होती है। वहीं रेड ब्लड सेल्स 38 से 48 फीसदी तक होता है।

प्लाज्मा थैरेपी क्या होती है?
जो व्यक्ति कोविड-19 से ठीक हो गए है। उनकी बॉडी से खून निकालकर प्लाज्मा को अलग किया जाता है। जिस कोविड पैशेंट की बॉडी से प्लाज्मा लिया जाता है उसके ब्लड में एंटीबाडीज होती है। वह एंटीबाडीज एंटीजन से लड़ने में मदद करती है। यह एंटीबाडीज कोविड संक्रमितों को दी जाती है। डॉ के मुताबिक एक इंसान के प्लाज्मा से दो इंसानों का इलाज किया जा सकता है।

प्लाज्मा कब डोनेट किया जा सकता है?
कोविड से ठीक होने के दो सप्ताह यानि 14 दिन बाद आप रक्त डोनेट कर सकते हैं।

प्लाज्मा कौन डोनेट नहीं कर सकता है?
डायबिटीज, कैंसर, हाइपरटेंशन, किडनी, लिवर के पैशेंट प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकते हैं।

प्लाज्मा से रिएक्शन का खतरा भी रहता है?
इससे एलर्जिक रिएक्शन, सांस लेने में प्रॉब्लम हो सकती है। हालांकि आज की स्थिति में प्लाज्मा से कई लोग ठीक हो रहे हैं। यह समस्या बहुत दुर्लभ स्थिति में हो रही है। इटली में प्लाज्मा थेरेपी से मृत्यदर में गिरावट दर्ज की गई है।

वैक्सीन और प्लाज्मा थेरेपी में क्या अंतर है?
दोनों आपकी बॉडी में एंटीबाडीज पैदा करती है। लेकिन तरीका अलग - अलग है। जी हां, वैक्सीन किसी वायरस को आपकी बॉडी में फैलने से रोकने में मदद करती है। यह आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। इसका परीक्षण कर इसे बनाया जाता है। करीब 1 साल या उससे अधिक समय भी लग जाता है।

प्लाज्मा किसी व्यक्ति के बॉडी में तैयार एंटीबाडीज की मदद से दूसरे की बॉडी में दिया जाता है। इससे कोरोना से ठीक हो चुके एक व्यक्ति के द्वारा दूसरे व्यक्ति का इलाज किया जाता है।

प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किन - किन देशों में किया जा रहा है?
प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल आज के वक्त में भारत सहित अन्य 20 देशों में भी किया जा रहा है। उनमें - अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन और इटली प्रमुख देश हैं।

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