देश में टीकाकरण का सबसे बड़ा ड्राई रन हुआ, हर्षवर्धन बोले- वैक्सीन को लेकर अफवाहों पर ध्यान न दें

Last Updated: रविवार, 3 जनवरी 2021 (00:20 IST)
नई दिल्ली/ चेन्नई। देश में कोविड-19 बड़े पैमाने पर चलाने की तैयारियों के तहत शनिवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका पूर्वाभ्यास किए जाने के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने लोगों से टीके के सुरक्षित होने और इसकी प्रभाव क्षमता के बारे में अफवाहों से गुमराह नहीं होने की अपील की।
हर्षवर्धन ने कहा कि टीकाकरण के प्रथम चरण में सर्वाधिक प्राथमिकता वाले लोगों को नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराया जाएगा जिनमें एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम मोर्चे के 2 करोड़ कर्मी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर 27 करोड़ लोगों को जुलाई तक किस तरह से टीका लगाया जाएगा, इस बारे में ब्यौरे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इन लाभार्थियों में 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित इससे कम उम्र के लोग शामिल हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में 3 स्थानों पर कोविड-19 टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया गया। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को कोविड-19 का टीका नि:शुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार टीकाकरण अभियान के लिए तैयारियां कर चुकी है।
टीकाकरण पूर्वाभ्यास के तहत दरियागंज में एक केंद्र के दौरे पर पहुंचे जैन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि अब तक पूरी व्यवस्था त्रुटिरहित लग रही है। राज्यों की राजधानियों में कम से कम 3-3 स्थानों पर पूर्वाभ्यास किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ राज्यों ने टीकाकरण पूर्वाभ्यास के लिए ऐसे जिलों को शामिल किया है जो दुर्गम स्थानों पर हैं। महाराष्ट्र, केरल और गुजरात ने 4-4 जिलों में, कर्नाटक और तमिलनाडु ने 5-5 जिलों में, जबकि राजस्थान ने 7 जिलों में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया। भारत में अब तक कोविड-19 के 1.03 करोड़ मामले सामने आए हैं।
उल्लेखनीय है कि टीकाकरण पूर्वाभ्यास से एक दिन पहले शुक्रवार को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी एक विशेषज्ञ समिति ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के रोधी टीके कोविशील्ड के, भारत में आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की सिफारिश की। इसके साथ ही, भारत में अगले कुछ दिनों में कोविड-19 का टीका लगाए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
आंध्रप्रदेश, असम, गुजरात, पंजाब में 28-29 दिसंबर को पहला पूर्वाभ्यास किया गया था जिसके तहत कम से कम 125 लाभार्थियों को शामिल किया गया था। प्रत्येक राज्य में अधिकतम 2-2 जिलों में 5-5 स्थानों पर कम से कम 125 लक्षित लाभार्थियों को इसमें शामिल किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि प्रायोगिक आधार पर किए गए पूर्वाभ्यास के दौरान कोई बड़ी परेशानी नहीं पाई गई और सभी राज्यों ने बड़े पैमाने पर कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों तथा आईटी मंच पर भरोसा जताया है।
शनिवार को किए गए पूर्वाभ्यास के लिए विभिन्न गतिविधियों को लेकर जिला प्रशासन द्वारा विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन गतिविधियों में लाभार्थियों के छद्म डेटा को अपलोड करना, सत्र स्थलों का निर्माण करना, टीका आवंटन, लाभार्थियों एवं टीका लगाने वालों को टीके का ब्योरा बताना आदि शामिल थे।
हर्षवर्धन ने कहा कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि कोविड-19 टीके की सुरक्षा और इसके प्रभाव को लेकर चल रही अफवाहों से गुमराह नहीं हों। टीके को मंजूरी देने से पहले हम किसी भी प्रोटोकॉल से समझौता नहीं करेंगे।हर्षवर्धन ने कहा कि जब पोलियो उन्मूलन के लिए देश में अभियान चलाया गया तब भी उसके टीके को लेकर दुविधा की स्थिति थी, लेकिन हमें इसकी सफलता को याद रखना चाहिए।
एक बयान में मंत्री के हवाले से कहा गया है कि यह हमारी तत्परता और समर्पण का परिणाम था कि 2014 में भारत पोलियो मुक्त घोषित हो गया। पोलियो टीकाकरण अभियान सहित पूर्व के टीकाकरण अभियानों से मिले अनुभव का उपयोग अब देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान में किया जा रहा है। हर्षवर्धन ने कहा कि सोमवार और मंगलवार को 4 राज्यों में प्रायोगिक आधार पर किए गए पूर्वाभ्यासों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर राष्ट्रव्यापी पूर्वाभ्यास को अद्यतन किया गया।
शनिवार को महाराष्ट्र के नागपुर, जालना, पुणे और नंदूरबार जिलों में तय स्वास्थ्य केंद्रों में पूर्वाभ्यास किया गया।
केरल के 4 जिलों (तिरुवनंतपुरम, इदुक्की, वायनाड और पलक्कड) में शनिवार को आयोजित टीकाकरण पूर्वाभ्यास में कम से कम 25 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने पूर्वाभ्यास में भाग लेते हुए कहा कि राज्य सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोविड​​-19 का टीका लगाने की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने हमें सूचित किया है कि राज्य को 2-3 दिनों के भीतर टीके का पर्याप्त भंडार प्राप्त होगा। राज्य ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री जैन ने बताया कि सारी तैयारियां कर ली गई हैं और पूरे शहर में 1,000 टीकाकरण केंद्र बनाए जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या कोविड-19 का टीका नि:शुल्क लगाया जाएगा तो जैन ने कहा कि हां, दिल्ली में उपचार और दवाएं भी नि:शुल्क दी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कोविड-19 टीकों को प्राप्त करने, उन्हें रखने तथा टीकाकरण के पहले चरण में शहर के प्राथमिकता की श्रेणी में आने वाले 51 लाख लोगों के टीकाकरण के लिए पूरी तरह से तैयार है। पश्चिम बंगाल में 3 स्थानों पर कोविड-19 टीकाकरण का पूर्वाभ्यास शनिवार को किया गया जिसमें कम से कम 75 स्वास्थ्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। असम में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वास्तविक टीकाकरण होने तक राज्य में नियमित रूप से इसका पूर्वाभ्यास जारी रहेगा।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में कोविड-19 का टीका मकर संक्रांति के आसपास उपलब्ध होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि टीकाकरण का पूर्वाभ्यास शनिवार को राज्य में कुछ स्थानों पर किया गया।
योगी ने एक कार्यक्रम में कहा कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मार्च 2020 में कोविड-19 के खिलाफ अभियान शुरू किया और टीकाकरण का पूर्वाभ्यास 5 जनवरी को पूरे प्रदेश में किया
जाएगा। कोविड-19 का टीका मकर संक्रांति के आसपास उपलब्ध होगा।

कर्नाटक के 5 जिलों- कलबुर्गी, शिमोगा, मैसूरु, बेलगावी और बेंगलुरु जिलों में टीकाकरण के पूर्वाभ्यास आयोजित किए गए। तमिलनाडु में शनिवार को 17 केंद्रों पर सफलतापूर्वक कोविड-19 टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया गया।यह चेन्नई, तिरुवल्लूर, नीलगिरी, तिरुनेलवेली और कोयंबटूर के 5 जिलों में 3-3 केंद्रों पर आयोजित किया गया। तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने कहा कि हमें यह सीखने को मिला कि टीकाकरण के लिए निर्धारित कक्ष बहुत बड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ के अधिकारियों ने भी इस अभियान को देखा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पूर्वाभ्यास में मुख्य जोर टीकाकरण के बाद इसके किसी संभावित प्रतिकूल प्रभाव से निपटने और संक्रमण नियंत्रक गतिविधियों के प्रबंधन पर दिया गया। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि लाभार्थियों के डेटा को-विन ऐप में अपलोड किए जाएं ताकि सभी प्रस्तावित स्थानों पर उनका शारीरिक रूप से सत्यापन किया जा सके।
मंत्रालय के मुताबिक यह पूर्वाभ्यास राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की आपूर्ति, भंडारण, कोल्ड चेन प्रबंधन सहित साजोसामान के प्रबंधन के लिए अनुभव प्रदान करेगा। टीकाकरण अभियान के लिए टीका लगाने वाले लगभग 96,000 कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। देश में शनिवार को कोविड-19 के 20,000 से कम नए मामले सामने आए जिसके बाद संक्रमण के मामले बढ़कर 1,03,05,788 हो गए। वहीं देश में संक्रमण मुक्त होने वाले लोगों की संख्या 99 लाख पार कर गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह 8 बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में एक दिन में संक्रमण के 19,079 नए मामले सामने आए, वहीं 224 और लोगों की संक्रमण से मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 1,49,218 हो गई। (भाषा)



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