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भोपाल में 31 मई तक सख्त कोरोना कर्फ्यू, समीक्षा बैठक में बोले शिवराज- डॉक्टरों की निगरानी में ही लगाई जाए ऑक्सीजन
भोपाल। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने और कोरोना को पूरी तरह काबू में करने के लिए अब राजधानी भोपाल में 31 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है। राजधानी में कर्फ्यू बढ़ाने का फैसला जिला क्राइसिस मैनेजमेंट टीम की बैठक में हुआ। वहीं आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल संभाग की समीक्षा बैठक में आक्रामक टेस्टिंग रणनीति, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाकर कोरोना को जल्द खत्म करने की बात कही।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां एरिया स्पेसिफिक रणनीति लागू की जाए। प्रदेश को 31 मई तक कोरोनामुक्त बनाने के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सभी सदस्य और सरकारी अमला पूरी ताकत लगा दें। जून में प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से सामान्य हालात पर लाया जाएगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को यदि ऑक्सीजन लगाने की आवश्यकता है, तो वह अस्पताल में डॉक्टर की देखरेख में ही लगाई जाए। अनियंत्रित ऑक्सीजन के उपयोग से मरीजों के फेफड़ों को नुकसान हो रहा है। बैठक में जिला कलेक्टरों को इस पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा तथा राजगढ़ कलेक्टर द्वारा सरकारी तथा निजी अस्पतालों में बिस्तरों की व्यवस्था, सैम्पलिंग टेस्टिंग की व्यवस्था, पॉजिटिविटी रेट, संक्रमित मरीजों और कंटेन्मेंट एरिया प्रबंधन, ऑक्सीजन के प्रबंधन, टीकाकरण अभियान, आयुष्मान भारत योजना में लाभान्वित मरीजों की संख्या और मेडिकल कॉलेजों में ब्लैक फंगस के उपचार के लिए व्यवस्था के संबंध में प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए तैयारी के उद्देश्य से अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और बच्चों के लिए वार्ड स्थापित करने की व्यवस्था की जाएगी। अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड और आईसीयू बेड बढ़ाए जाएंगे। ब्लैक फंगस इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में व्यवस्था की जा रही है। विदिशा मेडिकल कॉलेज में भी इसकी व्यवस्था होगी।
