मध्यप्रदेश में कोरोना के नए केस में गिरावट,ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए 5 मेडिकल कॉलेज में बनेंगे विशेष वार्ड

कोविड केयर सेंटर को पोस्ट कोविड केयर सेंटर में बदला जाएगा

Author विकास सिंह| पुनः संशोधित शनिवार, 15 मई 2021 (15:55 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना के कहर के बीच ब्लैक फंगस की चपेट में आने वाले लोगों की बढ़ती संख्या के बाद सरकार सतर्क हो गई है। ब्लैक फंगस की बीमारी से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल,इंदौर,जबलपुर,ग्वालियर और रीवा में विशेष वार्ड बनाने के निर्देश दिए है जिससे कि इन क्षेत्र के लोगों को वहीं इलाज मिल सके। वहीं इससे पहले सरकार कह चुकी है कि ब्लैक फंगस की चपेट में आने वालों का इलाज का खर्च सरकार उठाएगी।
कोरोना नियंत्रण और संभावित तीसरी लहर को लेकर ग्रुप ऑफ ऑफिसर और विशेषज्ञों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग से चर्चा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों में हार्ट अटैक और ब्लैक फंगस जैसी परेशानियां सामने आ रही हैं इसलिए पोस्ट कोविड केयर पर ध्यान देना होगा। इसलिए सरकार कोविड केयर सेंटर को अब पोस्ट कोविड केयर सेंटर में बदल रही है।
कोरोना पॉजिटिविटी रेट में गिरावट-वहीं दूसरी मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले अब तेजी से कम होते जा रहे है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 7,264 नए केस सामने आए हैं जबकि 12,233 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हो गए हैं। प्रदेश के 5 जिलों दतिया,भिंड, मुरैना, अशोकनगर और गुना में 50 से कम कोरोना के नए केस सामने आए है। वहीं प्रदेश का पॉजिटिविटी रेट 11.05
फीसदी पहुंच गया है। अगर आंकड़ों को देखा जाए तो प्रदेश में पिछले एक सप्ताह में पॉजिटिविटी रेट में सात फीसदी की गिरावट आई है। वहीं प्रदेश के छिंदवाड़ा,बुरहानपुर,खंडवा,भिंड,गुना,अलीराजपुर और अशोकनगर जिलों में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी के नीचे हो गया है।
वहीं प्रदेश में कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है और रिकवरी रेट 85 फीसदी के उपर हो गया है। मध्यप्रदेश के गृहगंत्री और सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक प्रदेश में कोरोना संक्रमित हुए 85 फीसदी लोग अब तक होम आइसोलेशन में ठीक हो चुके है वहीं वर्तमान में 80 हजार लोग जो होम आइसोलेशन में है उनको मेडिसिन किट उपलब्ध कराने के साथ फोन से लगातार उपचार की सलाह दी जा रही है।
तीसरी लहर से निपटने की तैयारी-वहीं कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने
के लिए सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड व स्टाफ बढ़ा रहे है। प्रदेश में अगले एक महीने में 2400 स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती की जाएगी। जिनमें 800 डॉक्टर, 800 नर्स तथा 800 टेक्नीशियन होंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए 5000 ऑक्सीजन बेड, 01हजार आई.सी.यू बेड तथा 500 बेड्स बच्चों के लिए बढ़ाए जाने के साथ प्रदेश में 100 से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।



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