dharma sangrah

कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए 'लाइफलाइन' साबित होती ऑक्सीजन थैरेपी

Updated: सोमवार, 11 मई 2020 (11:22 IST)
भोपाल। कोरोना महामारी के इलाज के लिए अब तक कोई टीका या वैक्सीन की खोज नहीं हो सकी है। हाल में ही इजरायल समेत कुछ देशों ने वैक्सीन बनाने का दावा भले ही किया हो लेकिन अभी उनका कसौटी पर खरा उतरना बाकी है। ऐसे में कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल WHO की गाइडलाइन का पालन करते हुए अपने-अपने तरीके से इलाज कर रहा है। 
 
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चिरायु मेडिकल कॉलेज को कोरोना पीड़ित मरीजों के इलाज के रूप में डेडिकेटेड किया गया है। कोरोना पीड़ित मरीजों के इलाज की अर्ली ऑक्सीजन थैरेपी के चलते अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का रिकवरी रेट 60 फीसदी के करीब है।  
 
चिरायु अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर अजय गोयनका कहते हैं कि अस्पताल में कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज आक्सीजन थैरेपी से किया जाता है। वह कहते हैं कि अस्पताल में बेहतर सुविधाओं के साथ अर्ली ऑक्सीजन थैरेपी से सभी मरीजों का सफल इलाज किया गया है जिसमें हमें बहुत अच्छे नतीजें मिले है और मरीजों का रिकवरी रेट अच्छा है।  अब तक अस्पताल में इलाज के लिए आए 700  मरीजों में से  400 अधिक मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है। 
 
कोरोना के खिलाफ जंग जीतकर लौटे भोपाल के पत्रकार जुगल किशोर शर्मा भी उन लोगों में से एक है जिनका इलाज ऑक्सीजन थैरेपी के जरिए हुआ। जुगल बताते हैं कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह पहले एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए, जहां पर शुरुआती उपचार के बाद वह चिरायु अस्पताल में शिफ्ट हो गए।

चिरायु अस्पताल में शिफ्ट होते ही जांच में उनको कोरोना के संक्रमण का फेफड़े तक पहुंचने का पता लगा जिससे वह पहले तो थोड़ा चिंतित हो गए, लेकिन इसके बाद अस्पताल के डायरेक्टर अजय गोयनका और अन्य डॉक्टरों ने उनको ऑक्सीजन थैरेपी के बारे में बताया और उनका इलाज शुरु किया। जुगल कहते हैं कि सात दिन तक उनको 18-18 घंटे आक्सीजन दी जाती थी जिससे फेफड़े पर पहुंचा संक्रमण पूरी तरह खत्म हो जाए। आज जुगल अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद 14 दिन का क्वारेंटाइन पीरियड पूरा करने के बाद वापस अपनी ड्यूटी को ज्वाइन कर लिया  है। कोरोना से एक योद्धा की तरह लड़ने वाले जुगल ऑक्सीजन थैरेपी को बहुत कारगर बताते है।  जुगल कहते हैं अगर कोरोना संक्रमण फेपेड़ों तक नहीं पहुंचे तो वकाई यह साधारण सर्दी जुकाम से अधिक कुछ नहीं है।

चिरायु अस्पताल में कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए अपनाई गई ऑक्सीजन थैरेपी की जानकारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को भी दी है। चिरायु के साथ भोपाल स्थित एम्स  में कोरोना पॉजिटिव मरीजों  का इलाज में ऑक्सीजन थैरेपी की मदद ली जा रही है।  
 
 
 
 
लेखक के बारे में
विकास सिंह
special correspondent.... और पढ़ें

Show comments

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

सभी देखें

ट्रम्प के 'शांति समझौते' के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- नहीं हो रही कोई बातचीत

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

अगला लेख