निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए थे मेरठ के 8 लोग, 1 को तलाशा

पुनः संशोधित मंगलवार, 31 मार्च 2020 (19:36 IST)
हिमा अग्रवाल
मेरठ। राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन में से देश में वापस लौटे 2000 लोगों में से 24 कोरोना संक्रमित पाए जाने से पूरे देश में हड़कंप मच गया है।
इन 24 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है, वहीं इसको लेकर में भी अलर्ट जारी हो गया है।
मेरठ की स्थानीय खुफिया इकाई के मुताबिक मेरठ से इस जमात मरकज में 8 लोग शामिल होने गए थे।

एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि इन 8 लोगों में से 7 दिल्ली में ही रुके हुए हैं, जबकि एक का पता मेरठ में लगा लिया है। इसका चिकित्सीय परीक्षण करवा लिया गया है। यह व्यक्ति कोरोना नेगेटिव पाया गया है।
उन्होंने बताया कि बाकी लोगों पर भी नजर रखी जा रही है, जो कि विदेश से आए हैं या फिर कहीं बाहर से आ रहे हैं।

एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि जिले में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। अभी तक ​किसी नए केस के बारे में पता नहीं चला है। हमारी स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह से संवेदनशील क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

साहनी ने बताया कि लोगों की सहायता के लिए जितने भी हेल्पलाइन नंबर हैं, वहां पर अगर कोई सहायता के लिए फोन आ रहा है तो उसकी पूरी मदद की जा रही है। जरूरतमंदों के लिए खाना पहुंचाने का काम किया जा रहा है। मेरठ पुलिस 20 हजार लोगों को खाना पहुंचा रही है।
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि एक सूचना प्राप्त हुई थी कि जिले की दो मस्जिदों में 19 विदेशी रुके हुए हैं, जिनमें से 10 इंडोनेशिया से हैं और बाकी अन्य देशों से हैं। इन सभी को दोनों जगहों पर होम क्वारंटाइन कर दिया गया है।

इनका अभी तक निजामुद्दीन तबलीगी जमात से कोई लिंक नहीं मिला है। मेरठ से निजामुद्दीन गए लोगों के परिवार की मॉनि‍टरिंग की जा रही है।

एडीजी बोले- सुधर रही हैं व्यवस्थाएं : एडीजी प्रशांत कुमार ने पूरे जोन के कहा कि हमारी प्राथमिकता सोशल डिस्टेंसिंग की है, जिसमें हम धीरे-धीरे कामयाब हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का पूरे जोन में 100 प्रतिशत पालन हो, इसके लिए कठोरता से प्रयास किए जा रहे हैं। जो लोग नहीं मान रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

जहां भी केस मिले हैं, उस इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। वहां पर स्वास्थ्य विभाग अपना काम कर रहा है। एडीजी ने कहा कि हम व्यवस्था सुधार रहे हैं।

सप्लाई चेन मोहल्ले तक पहुंचे इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। दवा की दुकानें कम अवधि तक के लिए खोलें। समय के साथ व्यवस्था सुधरती जा रही है। लोगों को भी गंभीरता समझ में आ रही है।




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